एक सप्ताह पहले जिले के पिथौरागढ़ में मिली अनजान महिला के बाद अब एक और अनजान महिला यहां मोस्टामानू में घूम रही है।
बताया गया कि यह महिला पिछले दो दिनों से यहां घूम रही है। इसकी भी मानसिक हालत ठीक नहीं है। अनुमान लगाया जा रहा है कि दक्षिण भारत के किसी प्रांत की यह महिला भी कहीं केदारनाथ आपदा के समय बिछुड़ी हुई न हो।
मोस्टामानू निवासी इकबाल अहमद ने बताया कि तीन दिन पहले यह महिला कस्बे में पहुंची है। करीब 45 साल की इस महिला की भाषा लोगों की समझ में नहीं आ रही है। वह दिनभर मोस्टामानू मंदिर के आसपास घूमती रहती है और शाम को इकबाल अहमद की दुकान के आगे सो जाती है।
लोगों ने उसे कंबल भी उपलब्ध करा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला उत्तराखंड की नहीं है। वह कभी कभार कुछ शब्द बोलती है, लेकिन उसके नाम और पते का अंदाजा नहीं लग पा रहा है।
लोगों को आशंका है कि यह महिला केदारघाटी में आई आपदा के समय बिछुड़ी हुई हो सकती है। देवलथल में मिली महिला इस समय निराश्रित महिला केंद्र में है।