बदरीनाथ धाम में भी इस वर्ष से किया जाएगा क्यूआर कोड लागू
मोबाइल नंबर के अंकित होते ही फोन पर एक ओटीपी आएगा, जिसके माध्यम से क्यूआर कोड स्टीकर को स्कैन किया जाएगा और बोतल या केन को मशीन में या बॉक्स में लगे कूड़ादान में डाल दिया जाएगा। इसके दो से तीन मिनट में रिफंड राशि खाते में जमा हो जाएगी। रिसाइकिल संस्था की ओर से गुप्तकाशी से केदारनाथ तक अलग से नौ संग्रहण केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे, जहां पर यात्री खाली प्लास्टिक की बोतलें व अन्य प्रकार का प्लास्टिक कचरा जमा करा सकेगा।
इधर, संस्था के वरिष्ठ प्रबंधक रवि मूर्ति ने बताया कि बीते दो वर्षों में यात्राकाल में प्लास्टिक उन्नमूलन को लेकर किए गए प्रयासों के परिणाम सफल रहे हैं। इस बार व्यवस्था को और बेहतर किया जा रहा है। साथ ही बदरीनाथ धाम में भी इस वर्ष से क्यूआर कोड लागू किया जाएगा।
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केदारनाथ यात्रा में प्लास्टिक उन्नमूलन को लेकर इस वर्ष और बेहतर व्यवस्था की जाएगी। रिसाइकिल संस्था द्वारा पूरा खाका तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द लांच किया जाएगा। - अनिल कुमार शुक्ला, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग