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केदारनाथ धाम में अब भक्तों को नहीं चढ़नी पड़ेगी ज्यादा लंबी चढ़ाई, मिलने जा रही ये सुविधा

Tue, 30 Jul 2019 09:52 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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केदारनाथ धाम पैदल मार्ग - फोटो : अमर उजाला
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बाबा केदार के भक्तों की मंदिर तक आसान पहुंच के लिए अब उन्हें नई सुविधा मिलने जा रही है। रुद्रा प्वाइंट से संगम तक दो किमी आरसीसी मार्ग का निर्माण किया जाएगा। डीडीएमए-लोनिवि गुप्तकाशी डिवीजन ने इसके टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं।

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केदारनाथ धाम में आपदा के बाद से यहां गौरीकुंड से केदारनाथ धाम की दूरी 14 से बढ़कर 16 से 17 किसी तक हो गई थी। इस पहल के बाद अब तीर्थयात्रियों के लिए यह दूरी दो किमी तक घट जाएगी।

पहले चरण में सवा दो करोड़ रुपये की लागत से डेढ़ किमी आरसीसी मार्ग का निर्माण किया जाएगा। जून 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत पुनर्निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।
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अब केदारपुरी में ढाई किमी क्षेत्र में यात्रा को सुलभ और सरल बनाने के लिए भी कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग को रुद्रा प्वाइंट से संगम तक करीब डेढ़ किमी आरसीसी मार्ग बनाया जाएगा। इसमें सुरक्षा के लिए रेलिंग भी लगाई जाएगी।  

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इस मार्ग पर आने वाले समय में बैटरी चालित वाहन गोल्फ कार्ट, एटीवी व ई-रिक्शा भी चल सकेगा। अधिकारियों की मानें तो एक हफ्ते में रुद्रा प्वाइंट से आरसीसी का कार्य शुरू कर दिया जाएगा और सितंबर आखिरी तक डेढ़ किमी रास्ता बनकर तैयार हो जाएगा।

इसके बाद हेलीपैड से संगम तक रास्ते का विस्तार की योजना भी है। इसके तहत केदारनाथ ड्रोम से गोल चबूतरे तक लगभग 80 मीटर स्पान के पुल का निर्माण किया जाएगा। इस पुल के बनने से यात्री मंदाकिनी नदी किनारे निर्मित व सरस्वती नदी पर किनारे बन रहे आस्था पथ के सहारे मंदिर परिसर तक पहुंच सकेंगे।

अक्तूबर तक बन जाएंगे पुल
केदारनाथ धाम में भगवान भैरवनाथ मंदिर तक आसान आवाजाही के लिए सरस्वती नदी पर 36 मीटर स्पान का गार्डर पुल तैयार किया जाना है। पुल के दोनों एबेडमेंट का निर्माण जोरों पर चल रहा है। इसी तरह केदारनाथ से गरुड़चट्टी तक पहुंच के लिए मंदाकिनी नदी पर 80 मीटर स्पान का पुल बनाया जाना है, जिसकी सामग्री धाम पहुंचाई जा रही है। डीडीएमए-लोनिवि गुप्तकाशी के सहायक अभियंता दीप चंद्र नवानी का कहना है कि आगामी अक्तूबर माह तक सरस्वती नदी पर निर्माणाधीन पुल बनकर तैयार हो जाएगा। ब्यूरो 
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