इस मार्ग पर आने वाले समय में बैटरी चालित वाहन गोल्फ कार्ट, एटीवी व ई-रिक्शा भी चल सकेगा। अधिकारियों की मानें तो एक हफ्ते में रुद्रा प्वाइंट से आरसीसी का कार्य शुरू कर दिया जाएगा और सितंबर आखिरी तक डेढ़ किमी रास्ता बनकर तैयार हो जाएगा।
इसके बाद हेलीपैड से संगम तक रास्ते का विस्तार की योजना भी है। इसके तहत केदारनाथ ड्रोम से गोल चबूतरे तक लगभग 80 मीटर स्पान के पुल का निर्माण किया जाएगा। इस पुल के बनने से यात्री मंदाकिनी नदी किनारे निर्मित व सरस्वती नदी पर किनारे बन रहे आस्था पथ के सहारे मंदिर परिसर तक पहुंच सकेंगे।
अक्तूबर तक बन जाएंगे पुल
केदारनाथ धाम में भगवान भैरवनाथ मंदिर तक आसान आवाजाही के लिए सरस्वती नदी पर 36 मीटर स्पान का गार्डर पुल तैयार किया जाना है। पुल के दोनों एबेडमेंट का निर्माण जोरों पर चल रहा है। इसी तरह केदारनाथ से गरुड़चट्टी तक पहुंच के लिए मंदाकिनी नदी पर 80 मीटर स्पान का पुल बनाया जाना है, जिसकी सामग्री धाम पहुंचाई जा रही है। डीडीएमए-लोनिवि गुप्तकाशी के सहायक अभियंता दीप चंद्र नवानी का कहना है कि आगामी अक्तूबर माह तक सरस्वती नदी पर निर्माणाधीन पुल बनकर तैयार हो जाएगा। ब्यूरो