शुक्रवार को भैया दूज के दिन विधि विधान के साथ केदारनाथ धाम के कपाट शीत काल के लिए बंद कर दिए गए। मंत्रोच्चारण के साथ सुबह आठ बजे धाम के कपाट बंद कर हुए।
भगवान आशुतोष के 11वे ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट शुभ लग्न पर शीतकाल के बंद हो गए, जिसके बाद भगवान केदार की डोली रामपुर के लिए रवाना हो चुकी है।
बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली धाम से रात्रि प्रवास को रामपुर पहुंचेगी। 15 नवंबर को चल विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। यहां ओंकारारेश्वर मंदिर में बाबा केदार की शीतकाल के छह माह पूजा होगी।