करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र बदरीनाथ और केदारनाथ इस बार रुड़की की रोशनी से रोशन हो रहे हैं।
रुड़की के देवभूमि औद्योगिक क्षेत्र बंदाखेड़ी, इकबालपुर स्थित आस्का इक्विपमेंट लिमिटेड में बनाए जा रहे विशेष इलेक्ट्रिक फोल्डिंग टावर दोनों धामों में दूधिया रोशनी बिखेर रहे हैं।
इन टावरों को कंपनी ने ‘पोर्टेबल इंफ्लाटेबल इमरजेंसी लाइटिंग सिस्टम’ नाम दिया है। पिछले साल केदारनाथ में आई जलप्रलय के बाद किए जा रहे पुनर्वास और विकास कार्यों के तहत प्रदेश सरकार ने उक्त कंपनी के इन विशेष इलेक्ट्रिक टावर को यहां रोशनी के लिए चुना है।
25-25 टावर लगे
बदरीनाथ और केदारनाथ में 25-25 टावर लगाए गए हैं। इसके अलावा गुप्तकाशी और सोनप्रयाग में 15-15 टावर लगाए गए हैं। इनकी नियमित देखरेख के लिए कंपनी के विशेषज्ञ लगातार मानीटरिंग करते हैं।
क्या है फोल्डिंग टावर
कंपनी के महाप्रबंधक हरिओम पिल्लई ने बताया कि अपनी तरह के ये विशेष इलेक्ट्रिक टावर इटली से आने वाले एक विशेष प्रकार के कपड़े से बने होते हैं। इसके बेस में एक छोटा जेनरेटर लगा होता है, जो पेट्रोल से चलता है।
जेनरेटर के ऊपर कपड़े का टावर बना होता है जो वैसे तो फोल्डिंग होता है लेकिन हवा भरने के साथ ही कपड़ा टावर का रूप ले लेता है। इसकी ऊंचाई साढ़े चार मीटर है। इसके ऊपरी हिस्से में लैंप लगा होता है।
एक हजार वर्ग मीटर तक देता है रोशनी
यह इलेक्ट्रिक टावर अपने चारों तरफ एक हजार वर्ग मीटर तक रोशनी देता है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, एक घंटे में यह 800 मिलीलीटर तेल खाता है। इस एक टावर की कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है।
गुजरात सहित कई राज्यों में हुआ सफल
यह विशेष टावर गुजरात और उड़ीसा समेत कई राज्यों में सफल हो चुका है। कंपनी के प्रोडक्शन मैनेजर राजन वत्स के अनुसार, गुजरात के पुलिस स्टेशनों में नियमित बिजली के साथ ही यह टावर विशेष रूप से रखा गया है।
इसके अलावा केरल, समेत सेना, रेलवे तथा अन्य सरकारी विभागों में इसकी मांग ज्यादा है। करीब पचास किलोग्राम के भार वाला यह टावर कहीं भी ले जाया जा सकता है।
विपरीत परिस्थितियों में ज्यादा कारगर
यह फोल्डिंग टावर विपरीत परिस्थितियों में ज्यादा कारगर है। कई बार रात में चलाए जाने वाले रेस्क्यू ऑपरेशन, ट्रेन दुर्घटना आदि के समय इसका विशेष प्रयोग किया जाता है। वत्स के अनुसार, तेज हवा और बर्फबारी के समय भी यह बंद नहीं होता।
वर्ष 2004 से कंपनी दे रही सेवाएं
आस्का कंपनी वैसे तो 25 वर्ष पुरानी है, लेकिन हरिद्वार में यह वर्ष 2004 से अपनी सेवा दे रही है। पहले यह कंपनी बहादराबाद औद्योगिक क्षेत्र में संचालित हो रही थी बाद में 2008 में इसे देवभूमि औद्योगिक केंद्र बंदाखेडी, इकबालपुर में शिफ्ट किया गया।
फायर फाइटी बाइक भी बन रही पसंद
इस कंपनी की ओर से आग बुझाने में कारगर फायर फाइटी बाइक भी तैयार की जा रही है। बुलेट बाइक पर कंपनी आग बुझाने में कारगर साबित होने वाली विशेष किट लगाकर देती है, जो दुर्गम क्षेत्रों में भी आसानी से पहुंचकर आग पर काबू पाने में सक्षम है, जहां बड़ी गाड़ियां नहीं जा सकती। इसमें फर्स्ट एड बॉक्स और आक्सीजन सिलेंडर भी लगा होता है।