पूर्व मुख्यमंत्री व नैनीताल सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि केदार घाटी को केंद्र सरकार के हवाले कर देना चाहिए। कहा कि एक साल हो गया और केदारधाम में कोई काम नहीं हुआ।
अब राज्य की कांग्रेस सरकार को मेरी सलाह है कि अवस्थापना व विकास कार्य करने के लिए इस पूरे केदारधाम को केंद्र को सौंप देना चाहिए। क्योंकि यह काम राज्य सरकार केवश की बात नहीं है। जो सरकार अभी तक यही तय ना कर सकी हो कि कौन से घर रहने हैं और कौन से गिराए जाने हैं वह क्या विकास करेगी।
विफल हो गई हरीश सरकार
प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में भगतदा ने कहा कि केदार घाटी में काम कराने में राज्य की हरीश सरकार पूरी तरह से विफल हो गई है। यही तय नहीं हुआ कि कौन से भवन गिराए जाने है।
तीर्थ पुरोहितों से मेरी बात हुई, उनका कहना है कि जो घर पूरी तरह से सुरक्षित है उन्हें नहीं गिराया जाना चाहिए। ऐसे मकानों से केदारनाथ मंदिर को भी कोई खतरा नहीं है।
कांग्रेस भी देवी-देवताओं की शरण में
भगतदा ने कहा कि अभी तक धर्म निरपेक्षता का पाखंड करने वाली कांग्रेस भी अब देवी देवताओं की शरण में पहुंच गई है। तभी तो मुख्यमंत्री पूरी कैबिनेट के साथ केदारनाथ गए।
उन्होंने कहा कि पहाड़ में जो हाइड्रो प्रोजेक्ट बन गए हैं और जो भविष्य में बनने प्रस्तावित हैं, उनसे प्रभावित होने वाले गांवों के पुनर्वास के लिए सरकार लैंड बैंक तैयार करे। पहले पहाड़ में जमीन तलाशे, और यदि वहां नहीं है तो मैदान में लैंड बैंक बनाए।