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कौन बनेगा करोड़पति: 8.5 लाख जीतने के चक्कर में डेढ़ करोड़ गंवा दिए, उधर मांगकर जुटाई रकम से खेला था खेल

Tue, 22 Sep 2026 07:28 PM IST
Renu Saklani माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

इनाम की उम्मीद ने रुद्रप्रयाग के एक व्यक्ति को ऐसा जाल में फंसाया कि साइबर ठगों ने कर्ज में धकेल दिया। फेसबुक पर शुरू हुआ ऑनलाइन गेम का सिलसिला फर्जी टैक्स और शुल्क के नाम पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी तक पहुंच गया।
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ठगी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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फेसबुक पर चल रहे कौन बनेगा करोड़पति ऑनलाइन गेम में 8.5 लाख रुपये जीतने का झांसा देकर रुद्रप्रयाग के एक व्यक्ति से साइबर ठगों ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये ठग लिए। पीड़ित को इनामी रकम और कार दिलाने के नाम पर अलग-अलग टैक्स और शुल्क जमा कराने के लिए कहा गया। रकम जुटाने के लिए पीड़ित ने लोगों से उधार तक लिया। मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस को रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि थाना क्षेत्र के ग्राम किणझाणी निवासी कमल सिंह (54) ने शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि 14 जनवरी 2026 से वह फेसबुक पर चल रहे कौन बनेगा करोड़पति ऑनलाइन गेम में चेहरा पहचानो गेम खेलने लगे थे। इसमें हर सही जवाब पर 8.5 लाख रुपये इनाम देने का दावा किया गया था। कमल के अनुसार, पहली बार में ही उन्हें 8.5 लाख रुपये जीतने की बात कही गई।

अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करते रहे रकम

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इसके बाद नितिन नाम के व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर संपर्क किया और इनामी रकम जारी करने के नाम पर पहले 1550 रुपये टैक्स जमा करने को कहा। रकम जमा करने के बाद ठगों ने अलग-अलग व्हाट्सएप नंबरों से संपर्क करना शुरू कर दिया। शिकायत के अनुसार, विश्वास में लेने के लिए उन्हें मुकेश अंबानी, अमिताभ बच्चन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों वाले फर्जी दस्तावेज भेजे गए। साथ ही रिजर्व बैंक के नाम से भी कथित फर्जी दस्तावेज भेजे गए।

पीड़ित को बताया गया कि वह कई करोड़ रुपये और एक चारपहिया वाहन जीत चुके हैं। इनाम और कार हासिल करने के लिए अलग-अलग शुल्क, टैक्स और अन्य मदों में रकम जमा कराने को कहा गया। कमल सिंह इनके झांसे में आते गए और 30 मार्च से 16 सितंबर 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करते रहे। यह रकम बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक, चमोली कोऑपरेटिव बैंक और उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के माध्यम से ऑनलाइन और नकद जमा कराई गई।

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शिकायत के अनुसार, ठगों को कुल करीब 1.50 करोड़ रुपये दिए गए। रकम जुटाने के लिए पीड़ित ने लोगों से उधार भी लिया। लगातार भुगतान के बाद भी जब इनामी रकम नहीं मिली तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दी। साइबर थाना प्रभारी देवेंद्र नबियाल ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन के साथ ही आरोपियों के मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप संपर्कों की जांच कर रही है।

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