इसके बाद ब्रिगेडियर के भाषण को ट्रांसलेट कर कजाकिस्तान की भाषा में पढ़ा गया। चौदह दिनों तक चलने वाले इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में कजाकिस्तान की ओर से 14 अधिकारी, 46 जवान जबकि भारतीय सेना के 13 अधिकारी और 47 जवान प्रतिभाग कर रहे हैं। संयुक्त अभ्यास का समापन 15 अक्तूबर को होगा।
संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान पहले दिन शाम को सेना में अत्याधुनिक हथियार और उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई। इस दौरान दोनों देशों के सैनिकों को हथियारों के प्रयोग की जानकारी दी गई। युद्ध के दौरान उपयोग में आने वाले तमाम उपकरणों की विशेषता भी इस दौरान बताई गई।
अभ्यास के दौरान सैनिकों को पहाड़ी में रॉक क्लाइंबिंग, विस्फोटकों को डिफ्यूज करना और आतंकियों से निपटने की तरकीब का अलग-अलग स्थलों में अभ्यास कराया जाएगा। सैन्य अभ्यास में शामिल दोनों देशों के जवानों में विशेष उत्साह देखा गया।