कोरूवा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय।
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कालसी ब्लॉक अंतर्गत कोरुवा में ड्रॉप आउट छात्राओं के लिए खोला गया कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय उच्चीकृत की बाट जोह रहा है। स्कूल में कक्षा छह से 10वीं तक की कक्षाएं संचालित होनी थीं, लेकिन निर्माण के 15 साल बाद भी स्कूल में महज आठवीं तक ही कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इस कारण छात्राओं को आठवीं के बाद पढ़ाई के लिए या तो दूसरे स्कूलों का रुख करना पड़ता है या फिर अपनी पढ़ाई को बीच में ही छोड़ना पड़ता है।
ग्राम प्रधान निशा तोमर, अर्जुन सिंह तोमर, आनंद सिंह तोमर, वीरेंद्र सिंह तोमर, केशर सिंह तोमर, संतन सिंह तोमर, हुकम सिंह तोमर, दयापाल खन्ना आदि का कहना है कि वर्ष 2005 में स्कूल के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई थी। स्कूल की स्थापना दुर्गम अंचलों में रहने वाली गरीब निर्धन छात्राओं के लिए की गई थी। छात्राओं को स्कूल में ही पढ़ाई के साथ ही खान-पान की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने अपनी सहूलियत के लिए स्कूल को आठवीं के बाद सुचारुरखना जरूरी नहीं समझा। इस कारण गरीब परिवार से ताल्लुख रखने वाली ये निर्धन छात्राएं आठवीं के बाद अपनी पढ़ाई को जारी नहीं रख पाती। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका (बार्डन) मोनिका साहू ने बताया कि स्थानीय लोगों और स्कूल प्रबंधन द्वारा कई बार स्कूल के उच्चीकरण का प्रस्तव बना शासन को भेजा जा चुका है। उधर उपखंड शिक्षा अधिकारी कालसी पूजा नेगी दानू ने बताया कि स्कूल के उच्चीकरण संबंधित फाइल शासन स्तर पर है।