शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनजमेंट प्लांट के बाहर बीते 60 दिन से दिन-रात धरना दे रहे आंदोलनकारी राजेश शर्मा का स्वास्थ्य बृहस्पतिवार को अचानक खराब हो गया। इसके बाद पुलिस प्रशासन आननफानन ने उन्हें 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से दून अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां उपचार चल रहा है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि प्लांट से निकलने वाली जहरीली गैसों की दुर्गंध के कारण राजेश शर्मा के स्वास्थ्य में खराबी आई है। इससे पहले बीते 14 दिन तक भी वह लगातार भूख हड़ताल पर बैठे रहे थे। लोगों ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन को लोगों की कोई चिंता नहीं है। प्लांट से निकलने वाली जहरीली गैस पूरे क्षेत्र के वातावरण को प्रदूषित कर रही है। लोग सांस संबंधित बीमारी का शिकार हो रहे हैं। आरोप लगाया कि प्लांट को मानकों को ताक पर रखकर संचालित किया जा रहा है। गीले और सूखे कचरे का निस्तारण अलग-अलग नहीं किया जा रहा है। बीते 144 दिन से स्थानीय लोग प्लांट के विरोध में धरना दे रहे हैं। धरना देने वालों में आशा रावत, सपना शर्मा, कुसुम भट्ट, नीलम थापा, रीता शर्मा, पूनम पंवार, आहना रावत, बीना बमराड़ा, आशा कंडारी, विनिता भंडारी, निरंजन चौहान, प्रेम सिंह नेगी, संदीप भंडारी, सुधीर रावत, ऊषा चौहान, अनीता रावत, रेवा देवी जुयाल, सोनिया जुयाल, रजनी चतुर्वेदी, नीमा जोशी, सीएम जोशी, शशि कुमार, मनीष झा, निशा दास, मिट्ठन लाल, मनोज दास, प्रवीण चौधरी, अरविंद भट्ट, सुमित्रा सती आदि मौजूद रहे।