वहीं, साधु संतों ने मंत्री रेखा आर्य के संकल्प और भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था की सराहना की। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि खेलों के माध्यम से देश का गौरव बढ़ाना भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। भगवान शिव से कामना है कि उनके दोनों संकल्प पूर्ण हों और भारत खेल जगत में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे। निश्चित रूप से रेखा आर्य देश की वीरांगना हैं, जो सनातन को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहीं हैं। उनकी यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं होगी, बल्कि देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने का संदेश भी देगी।
बता दे कि रेखा आर्य ने एक साल पहले भी पैदल कांवड़ यात्रा की थी। उन्होंने हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर पैदल ही 22 किलोमीटर की दूरी तय करके वीरभद्र में भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। उस साल उन्होंने बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का संकल्प लिया था। इस बार भी वो पैदल कांवड़ यात्रा करेंगी। इस बार उन्होंने 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी और भारत को खेल महाशक्ति बनाने के दो संकल्प लिए हैं। इस संकल्प में उनके पति भी साथ हैं और पैदल कांवड़ यात्रा लेकर निकले हैं।