कांवड़ यात्रा चरम पर पहुंच चुकी है। दो साल बाद बिना पाबंदी के शुरू हुई कांवड़ यात्रा के सात दिनों में लाखों कांवड़िए गंगाजल लेकर गंतव्यों की तरफ प्रस्थान कर चुके हैं। ऐसे में अगले पांच दिनों तक पुलिस की अग्नि परीक्षा रहेगी। कांवड़ियों की भीड़ को संभालना पुलिस के लिए पांच दिनों तक चुनौती भरा रहेगा। अब बड़ी कांवड़ के साथ ही डाक कांवड़ियों व बाइक सवार कांवड़ियों को शहर से बाहर निकालना पुलिस के लिए चुनौती भरा साबित होगा।
हाइवे से लेकर शहर की गलियों व कांवड़ पटरी पर केसरियां रंग में रंगे कांवड़ियों का सैलाब दिख रहा है। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब समेत दूूर-दराज के प्रदेशों को पैदल कांवड़ लेकर जाने वाले कांवड़ियां अपने गंतव्यों की तरफ निकल चुके हैं। वहीं बड़ी कांवड़ भी लेकर कांवड़िया अपने गंतव्य की तरफ प्रस्थान करने लगे हैं।
22 जुलाई (आज) से डाक कांवड़ लेने के लिए भी हरियाणा राजस्थान, दिल्ली, पंजाब के कांवड़िया पहुंचेंगे। जो 24 जुलाई की शाम से डाक कांवड़ लेकर अपने-अपने शिवालयों की तरफ प्रस्थान करेंगे। ऐसे में डाक कांवड़ियों की भीड़ को संभालना पुलिस के लिए अग्नि परीक्षा साबित होगा।
डाक कांवड़ियों के साथ ही बाइक पर गंगाजल लेने के लिए आने वाले कांवड़ियां भी इस बार 50 से 60 हजार के करीब होंगे। 24 जुलाई की शाम से हाईवे पर डाक और बाइक सवार कांवड़ियों का ही राज रहेगा। जो 26 जुलाई की दोपहर तक चलेगा। एसएसपी डॉक्टर योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि डाक कांवड़ियों व बाइक सवार कांवड़ियों को मेला क्षेत्र से निकालने के लिए विशेष योजना बनाई है। इस बार हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर जाने वाले कांवड़ियों को आयरिश पुल के नीचे से निकालकर प्रेमनगर फ्लाईओवर पर भेजा जाएगा।