सड़क मार्ग पर बॉर्डरों को प्राइवेट वाहनों के लिए तो बंद कर दिया जाएगा। असल चुनौती बसों और ट्रेन से आने वाले यात्रियों को पहचानने में होगी। इस बाबत भी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इंटेलीजेंस इसके लिए क्रियाशील रहेगी।
बॉर्डर पर रहेगा अतिरिक्त पुलिस बल
डीजीपी ने बताया कि हरिद्वार की सीमाओं पर यात्रा अवधि में अतिरिक्त चौकसी बरती जाएगी। पिछले साल उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों की जनता ने सहयोग किया था। इसके लिए कुछ दिनों तक ही सख्ती बरती गई थी। इसके बाद ढिलाई भी हुई, लेकिन फिर भी जनता नहीं आई थी। अब इस साल भी सभी बॉर्डरों पर अतिरिक्त पुलिस बल को लगाया जाएगा।
केवल 1.6 प्रतिशत होते हैं स्थानीय श्रद्धालु
कांवड़ मेले में जल लेने के लिए स्थानीय लोगों की संख्या बेहद कम रहती है। वर्ष 2019 में कांवड़ मेले में करीब तीन करोड़ श्रद्धालु आए थे। इनमें से स्थानीय यात्रियों की संख्या महज 1.6 प्रतिशत थी। सबसे अधिक हरिद्वार 32 प्रतिशत और फिर उत्तर प्रदेश 27 फीसदी थी। पिछले साल कांवड़ यात्रा नहीं हुई थी।