कांवड़ यात्रा रद्द करने के बाद हरकी पैड़ी पर तीसरी आंख से निगेहबानी की जा रही है। गंगा घाट पर मौजूद यात्रियों से भी लगातार पूछताछ हो रही है। अस्थि विसर्जन को आ रहे यात्रियों को भी पूछताछ के बाद ही गंगा घाटों पर जाने दिया जा रहा है।
कोरोना महामारी को देखते हुए उत्तर भारत के बड़े मेलों में शुमार कांवड़ मेला इस साल रद्द हो चुका है। सावन के महीने में कावंड़िये यहां न आएं इसके लिए जिले की सीमाएं सील करने के साथ साथ हरकी पैड़ी पर इंतजाम चाक चौबंद कर दिए गए हैं। हरकी पैड़ी पर अस्थि विसर्जन करने के लिए गैर प्रदेशों के आमजन को आने की अनुमति दी जा रही है। हरकी पैड़ी पर हर समय सीसीआर टॉवर से नजर रखी जा रही है।
सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर गंगा घाट का नजारा देखा जा रहा है। जहां भी यात्री दिख रहे हैं तुरंत ही ड्यूटी पर तैनात फोर्स को पूछताछ के लिए भेजा जा रहा है, यदि वे अस्थि विसर्जन करने आए है तब ठीक है वरना हिदायत दी जा रही है। नगर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह की माने तो सीसीटीवी कैमरों की मदद से पूरे क्षेत्र में नजर रखे हुए है। कांवड़ यात्रा के मकसद से यदि कोई आता है तो उसे 14 दिन का क्वारंटीन कर दिया जाएगा।
उत्तरी हरिद्वार के व्यापारियों कांवड़ का सामान नहीं रखने का फैसला लिया है। व्यापारियों का कहना है कि यात्रा रद्द होने पर पुलिस को पूरा सहयोग किया जाएगा। मंगलवार को खड़खड़ी पुलिस चौकी में पुलिस और व्यापारियों की बैठक में यह फैसला लिया गया।
प्रदेश व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शिवकुमार कश्यप ने कहा कि पहली बार कांवड़ यात्रा रद्द हुई है। इसमें व्यापारी पूरा सहयोग करेंगे। कोई भी दुकानदार कांवड़ का किसी प्रकार का सामान नहीं रखेंगे। महानगर अध्यक्ष मयंक मूर्ति भट्ट ने कहा कि व्यापारियों ने हमेशा पुलिस प्रशासन का सहयोग किया है। चौकी प्रभारी विजय प्रकाश ने बताया कि दुकानें रात्रि 8 बजे तक और रेस्टोरेंट 9 बजे तक खुलेंगे। रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा।
इस मौके पर अजय अरोड़ा, शेखर गोस्वामी, अजय गिरि, सुनील गुप्ता, राजेंद्र गिरि, सतीश कश्यप, शांति स्वरूप पांडेय, मनीष जैन, राजीव गुप्ता, शिवम, विरला कोरी, राहुल अग्रवाल, दीपक सहगल, विवेक गर्ग, पारस जैन, प्रवेश गर्ग आदि शामिल हुए।