कंगारू केयर यूनिट में दो किलो से कम वजन का शिशु पैदा होने पर उसे तुरंत कंगारू की तर्ज पर एक से लेकर दो-तीन दिन तक मां की छाती से चिपकाकर रखा जाता है। शिशु को लगातार मां का स्किन टच मिलता है और उसे सिर्फ स्तनपान कराया जाता है।
विशेष तरह के बेड में लेटी मां की छाती से चिपके बच्चे को इस दौरान मां की धड़कनों का भी अहसास होता है। केएमसीयू के भीतर तापमान 25 डिग्री से 28 डिग्री तक रखा जाता है। यूनिट संचालन का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. बीबी जोशी के मुताबिक कंगारू केयर यूनिट में शिशु का इन्क्यूवेटर से भी अधिक तेजी से वजन बढ़ता है।
सीएचसी धौलादेवी में बनी आठ बेड की कंगारू केयर यूनिट कुमाऊं की पहली यूनिट है। इसमें प्रशिक्षित डाक्टर और स्टाफ तैनात है। कुमाऊं के सभी जिलों के लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा।
- दीपक भट्ट कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम,अल्मोड़ा