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उत्तराखंड में शुरू हुई कंगारू मदर केयर यूनिट, नवजात शिशुओं को ऐसे मिलेगा योजना का फायदा

Sun, 03 Mar 2019 12:55 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, अल्मोड़ा
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नवजात शिशु
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नवजात शिशु का वजन बढ़ाने के लिए अल्मोड़ा जिले के धौलादेवी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुमाऊं की पहली कंगारू मदर केयर यूनिट (केएमसीयू) शुक्रवार को चालू हो गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत खोली गई इस यूनिट से पूरे क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा। 

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दो किलो से कम वजन वाले नवजात बच्चों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राष्ट्रीय हेल्थ मिशन ने 2017-18 में सीएचसी धौलादेवी में केएमसीयू खोलने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था। भारत सरकार से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कार्यदायी संस्था ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आठ बिस्तरों का केएमसीयू तैयार कर दिया है। 

सीएचसी धौलादेवी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. बीबी जोशी ने बताया कि यूनिट तैयार हो जाने के बाद अस्पताल में यह सुविधा शुरूकर दी गई है। इस यूनिट में दोकिलो से कम वजन वाले बच्चों को एक से तीन दिन तक मां की छाती से चिपकाकर प्राकृतिक तरीके से उपचार दिया जाता है।
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उन्होंने बताया कि फिलहाल दो दिन में कोई कम वजन वाला कोई शिशु पैदा नहीं हुआ है। यदि इस तरह का शिशु पैदा होगा तो उसे कंगारू मदर केयर यूनिट में उपचार दिया जाएगा। 

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क्या हैं कंगारू उपचार

कंगारू केयर यूनिट में दो किलो से कम वजन का शिशु पैदा होने पर उसे तुरंत कंगारू की तर्ज पर एक से लेकर दो-तीन दिन तक मां की छाती से चिपकाकर रखा जाता है। शिशु को लगातार मां का स्किन टच मिलता है और उसे सिर्फ स्तनपान कराया जाता है।

विशेष तरह के बेड में लेटी मां की छाती से चिपके बच्चे को इस दौरान मां की धड़कनों का भी अहसास होता है। केएमसीयू के भीतर तापमान 25 डिग्री से 28 डिग्री तक रखा जाता है। यूनिट संचालन का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. बीबी जोशी के मुताबिक कंगारू केयर यूनिट में शिशु का इन्क्यूवेटर से भी अधिक तेजी से वजन बढ़ता है।  

सीएचसी धौलादेवी में बनी आठ बेड की कंगारू केयर यूनिट कुमाऊं की पहली यूनिट है। इसमें प्रशिक्षित डाक्टर और स्टाफ तैनात है। कुमाऊं के सभी जिलों के लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा।
- दीपक भट्ट कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम,अल्मोड़ा
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