भूस्खलन के मामले में अति संवेदनशील जजरेड के पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण कालसी-चकराता मोटरमार्ग नौ घंटे तक बंद रहा। सैकड़ों वाहन रास्ते में फंस गए। विभिन्न विभागों में काम करने वाले कर्मचारी देर से दफ्तर पहुंचे। लोक निर्माण विभाग ने सुबह दस बजे यातायात को सुचारू कराया।
कालसी-चकराता मोटरमार्ग जौनसार बावर की आवाजाही का मुख्य मार्ग है। जजरेड में पहाड़ियों से शुक्रवार की देर रात लगभग एक बजे मलबा गिरना शुरू हो गया। संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण मौके पर पहले से तैनात जेसीबी से मलबा हटाया जाने लगा। लेकिन, लगातार मलबा, पत्थर गिरने के कारण मार्ग से आवाजाही को बहाल करने में काफी समय लगा गया। सड़क के दोनों किनारों पर लोडर, कार और दोपहिया वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोग अपने वाहनों से निकलकर सड़क पर जमा हो गए। छात्र-छात्राएं, शिक्षक व अन्य विभागों में काम करने वाले कर्मचारी समय से अपने विद्यालयों व दफ्तरों में नहीं पहुंच सके। ग्रामीण हरिया ने बताया कि वह अपने वाहन से सुबह छह बजे एक बीमार महिला को लेकर साहिया से विकासनगर जा रहे थे। लेकिन, दस बजे तक उन्हे मार्ग खुलने का इंतजार करना पड़ा। महिला सुनीता चौहान ने बताया कि वह मार्ग बंद होने के कारण अपने गांव नहीं जा सकी। वाहन चालक सुंदर सिंह, तिलक दास, दौलत सिंह चौहान, कृपाराम, मोहन भाटी, दीपक भाटी ने बताया कि जब भी बारिश होती है मार्ग बंद हो जाता है। इससे बड़ी परेशानी होती है। मार्ग पर चलते हुए यह भय रहता है कि पता नहीं कब मार्ग बंद हो जाए।
जजरेड की समस्या के संबंध में अभी तक विभाग की ओर से की गई सभी कवायद शासन में विचाराधीन हैं। मौसम खराब होने के साथ ही क्षेत्र में जेसीबी तैनात कर दी जाती है। फिलहाल मार्ग से मलबा हटाकर यातायात को सुचारू करा लिया गया है।
रचना थपलियाल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग