भारत और नेपाल को विभाजित करने वाली महाकाली का प्रवाह जमे हुए 25 दिन हो गए हैं। कालापानी से लेकर गुंजी तक आठ किलोमीटर के दायरे में नदी जम चुकी है।
स्थिति यह है कि इस दायरे में नदी पर चलकर इसे आसानी से आर-पार किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
अब कालापानी से गुंजी तक 24 घंटे गश्त की जा रही है। इस बार मौसम में बार-बार आए बदलाव के कारण यह नौबत आई है। पिछले वर्षों तक महाकाली का प्रवाह हिमपात के कारण अधिक से अधिक एक सप्ताह तक ही रुकता था।
महाकाली का उद्गम कालापानी से होता है। वहां पर काली का मंदिर भी बना है। गर्मियों में कालापानी में मंदिर के पास नदी का उद्गम तालाब नजर आता है, लेकिन इस समय यह तालाब बर्फ से पूरी तरह पट गया है।