इस बार की कैलाश मानसरोवर यात्रा को पैदल मार्ग से ही संचालित करने का इरादा जताया जा रहा है। महाप्रबंधक ने बताया कि बेहद विपरीत परिस्थितियों में ही विदेश मंत्रालय से हवाई सेवा के लिए अनुरोध किया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही थी कि उच्च हिमालयी क्षेत्र गुंजी से लिपुलेख पास तक यात्रियों को वाहन की सुविधा मिल पाएगी, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया है।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा आईटीबीपी के हवाले हैं। आईटीबीपी के डीआईजी एपीएस निंबाडिया ने बताया कि नाभीढांग से लिपुलेख तक तीन से चार फुट तक बर्फ पड़ी है। जवान बर्फ को हटाकर रास्ता बनाने में जुटे हैं। यात्रा शुरू होने तक उच्च हिमालयी क्षेत्र के सभी रास्तों को ठीक कर लिया जाएगा।