इधर, बृहस्पतिवार देर शाम कपकोट में भारी बारिश के बाद भूस्खलन से आए मलबें में दबने से एक गाय की मौत हो गई। कपकोट में पिछले 24 घंटों में 132.50 मिमी बारिश दर्ज की गई। बागेश्वर जिले में बारिश और भूस्खलन से 19 सड़कें बंद हैं। बृहस्पतिवार तक 22 मार्ग बंद थे। पिछले 24 घंटों में सिर्फ तीन की सड़कें खुल पाईं।
चंपावत एसडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने धौलीगंगा पावर स्टेशन को पानी छोड़ने से पूर्व अवगत कराने को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि पावर स्टेशन से पानी छोड़ने से पहले सूचना जरूर दें ताकि एहतियात बरती जा सके। वहीं, दो जुलाई की अतिवृष्टि ने गोरीपार (मुनस्यारी) क्षेत्र के बसंतकोट, जौलढुंगा के लोगों को मुसीबत में डाल दिया है। मदकोट से बसंतकोट-जौलढुंगा जाने वाली सड़क नाले में तब्दील हो गई है, लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं।
इधर, हल्द्वानी में शुक्रवार सुबह छह से 10 बजे तक चार घंटे की झमाझम बारिश के बाद खिली चटक धूप ने बेहाल कर दिया। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड में कई स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 31.7 और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा।