कैलास मानसरोवर यात्रियों का पहला जत्था सोमवार को तिब्बत के दार्चिन में प्रवेश कर गया है। दूसरे दल के सदस्य गुंजी में हैं और तीसरे दल के यात्री गाला पड़ाव पहुंच गए हैं।
दूसरे यात्री दल की एक सदस्य गुंजी से ही वापस लौट गई है। रविवार को भी पहले दल की एक यात्री तकलाकोट से पारिवारिक दिक्कतों के चलते वापस लौट गई थी। कुमाऊं मंडल विकास निगम के मंडलीय प्रबंधक (पर्यटन) डीके शर्मा ने बताया कि दूसरे दल के सदस्यों का गुंजी में स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है।
कुछ यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण यात्रा शुरू होने से पहले भी किया जाएगा। यात्रियों के अगले पड़ाव को रवाना होने से एक घंटा पहले यात्रा पर जाने वाले यात्रियों की असली संख्या पता लग सकेगी। उन्होंने बताया कि पहला यात्री दल के 57 सदस्य सोमवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे तिब्बत के दार्चिन पहुंचे, जबकि तीसरा दल गाला पहुंच गया है।
उधर, डीडीहाट से मिली सूचना के मुताबिक दूसरे दल की एक सदस्य बिहार की कृष्णा पांडे (59) गुंजी से वापस लौट आई हैं। इससे पहले प्रथम दल की यात्री कविता अरोरा तकलाकोट से वापस लौट आई थीं। कृष्णा पांडे भी पारिवारिक दिक्कतों के कारण यात्रा स्थगित कर रही हैं।
यात्रियों ने गुंजी स्थिति मानसरोवर वन में पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए आईटीबीपी के प्रयास की सराहना की। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के सेनानी केदार सिंह रावत ने बताया कि यात्री मंगलवार से कैलास मानसरोवर की परिक्रमा शुरू करेंगे। दूसरे दल के यात्री मंगलवार को नाभीढांग जाएंगे।
24 जून की सुबह यह यात्री दल तिब्बत में प्रवेश करेगा। सेनानी केदार सिंह रावत ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।