कैलास मानसरोवर यात्रा गुरुवार से शुरू हो गई। 56 यात्रियों का पहला दल दोपहर दिल्ली से हल्द्वानी पहुंचा।
यहां काठगोदाम स्थित कुमाऊं मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस में कुमाऊंनी रीति-रिवाज से दल का भव्य स्वागत हुआ। शाम को यह दल रात्रि विश्राम के लिए अल्मोड़ा के लिए रवाना हो गया।
करीब ढाई बजे पहुंचे दल के सभी सदस्यों का केएमवीएन के एमडी दीपक रावत, जीएम विनोद गिरी गोस्वामी सहित अन्य लोगों ने स्वागत किया।
दल में गुजरात के 16, दिल्ली के 14, महाराष्ट्र के छह, राजस्थान के चार, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और हरियाणा के दो-दो, हिमाचल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु का एक-एक यात्री शामिल है।
कैलास मानसरोवर यात्रा में भी प्रधानमंत्री मोदी की धूम
इस बार कैलास मानसरोवर यात्रा में भी प्रधानमंत्री मोदी की धूम रहेगी। पहले दल में शामिल गुजरात के 16 यात्री मोदी के गुणगान करते नहीं थक रहे।
वे कैलास धाम जाकर भगवान शिव से भी मोदी सरकार के स्थायित्व और भ्रष्टाचार मिटाने की दुआएं करेंगे। इसके अलावा गुजरात के सुशासन को दूसरों तक पहुंचाएंगे।
गुजरात से पहली बार यात्रा के लिए पहुंचे सबसे बुजुर्ग यात्री शोमाभाई शंकरभाई पटेल का कहना है कि वे शिव के दर्शन कर देश के विकास के लिए दुआएं मांगेंगे।
विकास की नई मिसाल कायम करेंगे मोदी
मोदी सरकार के स्थायित्व और भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए भी वे भगवान शंकर की अर्चना करेंगे। उनका कहना था कि मोदी ने जिस तरह गुजरात का विकास किया, देश में भी विकास की नई मिसाल कायम करेंगे।
वहीं सूरत से आए सबसे कम उम्र के यात्री और इंजीनियरिंग कर रहे कुंज पटेल ने भी मोदी सरकार के लिए दुआएं मांगने की बात कही।
उन्होंने बताया कि वह भगवान शिव से प्रार्थना करेंगे कि मोदी गुजरात की तरह दिल्ली में भी मजबूत सरकार चलाएं। साथ ही गुजरात के हर यात्री ने मोदी के लिए दुआ करने की बात कही।
जयपुर से आई कामना ने भी स्थायी सरकार और भ्रष्टाचार मिटाने के लिए दुआ करने की बात कही।
यात्रा मार्ग पर सड़कें और पुल कर दिए गए ठीक
एमडी रावत ने बताया कि यात्रा मार्ग के सभी सड़कें और पुल ठीक कर दिए गए हैं। डेंजर जोन पर रेलिंग लगा दी गई हैं। तीन वैकल्पिक मार्ग भी बनाए गए हैं।
केएमवीएन के सभी कैंपों में राशन भिजवा दिया गया है। वायरलेस सेट और डीएसपीटी फोन भी लगाए गए हैं, जिनका इस्तेमाल यात्री कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि दल में सबसे बुजुर्ग यात्री 70 वर्षीय गुजरात के सोमाभाई शंकरभाई पटेल और सबसे जवान यात्री 19 वर्षीय सूरत के कुंज पटेल हैं।
कुल 14 महिलाएं और 42 पुरुष यात्रा में शामिल हैं। कुल 18 दल इस बार यात्रा में शामिल होंगे। अगला दल 16 जून को रवाना होगा। गिरधर सिंह मनराल इस दल के को-आर्डिनेटर हैं।
यात्रा रूट प्लान
12 जून-दिल्ली से अल्मोड़ा
13 जून-अल्मोड़ा से धारचूला
14 जून-धारचूला से सिर्खा
15 जून-सिर्खा से गाला
16 जून-गाला से बूंदी
17 जून-बूंदी से गुंजी
18 जून-गुंजी में मेडिकल
19 जून-गुंजी से नाभीढांग
20 जून-लिपुलेख दर्रा पार कर तिब्बत में प्रवेश