अपर सचिव जेपी जोशी से जुड़े यौन शोषण प्रकरण में पुलिस ने जाखन से युवती और उसके साथी नीरज चौहान को गिरफ्तार कर लिया। युवती को बाद में निजी मुचलका भरवाकर जमानत दे दी गई, जबकि नीरज को हिरासत में ले लिया गया।
ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तारी
दोनों की गिरफ्तारी अफसर का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग के आरोप में की गई। तीसरे अभियुक्त अमित गर्ग की तलाश की जा रही है। इस मामले में रितु कांडियाल की संलिप्तता भी उजागर हुई है।
रितु ही ब्लैकमेल करने वालों की मध्यस्थ थी और उसने ही जोशी को तीन करोड़ रुपये में मामला निपट जाने की बात कही थी।
पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने बताया कि विवेचना में साबित हुआ है कि नैनीताल पुलिस गेस्ट हाउस में अपर सचिव जेपी जोशी की सीडी उक्त युवती ने अपने साथियों के साथ मिलकर बनाई थी। वे लोग उस दिन वहीं पर मौजूद थे।
पूछताछ के लिए हिरासत में लिया
उस रात युवती ने जोशी के साथ जितना समय बिताया उस दौरान वह अपने साथियों के साथ बात करती रही। उन्होंने बताया कि इस मामले में नीरज चौहान और युवती को जाखन के भागीरथीपुरम से दोपहर 12.30 बजे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। यह मकान यूपी पुलिस के पूर्व इंस्पेक्टर स्वर्गीय यशपाल चौहान के पुत्र नीरज का ही है।
25 हजार रुपये का बांड भरवाकर जमानत
नीरज अभी पुलिस हिरासत में है, उसे शनिवार सुबह अदालत में पेश किया जाएगा, जबकि युवती को 25 हजार रुपये का बांड भरवाकर जमानत दे दी गई।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस को अभी सहारनपुर निवासी अमित गर्ग की तलाश है। अमित ही शोएब के नाम से फर्जी आईडी बनाकर अपर सचिव जेपी जोशी को एमपी सिंह के नाम से फोन करता था। उसके खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट जारी कराने की तैयारी है।
तीन करोड़ में मामला सैटल होने की बात
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि वीडियो बनाने के बाद अमित गर्ग ने एमपी सिंह के नाम से अपर सचिव जेपी जोशी को कई बार फोन कर ब्लैकमेल किया। जब जोशी ने समाधान पूछा तो उन्होंने कहा कि इसका रास्ता रितु कांडियाल बता देंगी।
इसी बीच रितु कांडियाल ने जेपी जोशी को बताया कि तीन करोड़ रुपये में मामला सैटल हो सकता है। इसके बाद 20 नवंबर को जोशी ने एसएसपी व एसपी देहात को इस मामले की सूचना दी।
एसएसपी के आदेश पर एसपी देहात ने जोशी को आने वाले फोन के नंबर पर कॉल की तो तब पता चला कि सहारनपुर निवासी शोएब की फर्जी आईडी लगाकर फोन चलाया जा रहा है।
इसके अगले दिन महिला ने दिल्ली में एफआईआर करा दी। वहीं दूसरे दिन जोशी की तहरीर पर देहरादून में भी मुकदमा कायम हो गया।
सिद्धू ने बताया कि मामले की जांच के गठित टीम के सहयोग के लिए एसटीएफ को लगाया गया था। एसटीएफ ने सर्विलांस के माध्यम से अभियुक्तों तक पहुंचने का रास्ता साफ किया।