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यौन शोषण के आरोपी अपर सचिव गिरफ्तार

Wed, 04 Dec 2013 12:27 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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यौन शोषण के आरोप में मंगलवार को अपर सचिव जेपी जोशी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जोशी को सीजेएम के सामने पेश किया जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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पीड़िता की ओर से कराई गई एफआईआर के आधार पर हुई विवेचना में जोशी पर आरोप साबित हुआ है। विवेचना में यह साक्ष्य भी मिले हैं कि सीडी जोशी ने नहीं बल्कि एफआईआर कराने वाली महिला ने ही बनाई थी। जोशी की एफआईआर पर महिला के खिलाफ विवेचना अभी चल रही है।

पर्याप्त साक्ष्य
डीजीपी ने विगत 24 नवम्बर को पीएचक्यू की निगरानी में एडिशनल एसपी ममता बोरा के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया था।

पीएचक्यू में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्घू ने बताया कि दस दिन की विवेचना में अपर सचिव जेपी जोशी के दोषी होने के पर्याप्त साक्ष्य जांच टीम को मिले हैं।
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अश्लील सीडी खुद युवती ने बनाई थी
उनके पीड़िता के साथ काफी समय से संबंध थे। नैनीताल पुलिस गेस्ट हाउस में मौकेपर जाकर की गई जांच में यह भी पाया गया कि अश्लील सीडी जेपी जोशी ने नहीं बल्कि खुद युवती ने बनाई थी।

क्योंकि पुलिस गेस्ट हाउस नैनीताल में कक्ष संख्या-2 जेपी जोशी के नाम आवंटित था। और युवती बगैर आवंटन के कक्ष संख्या-1 में ठहरी थीं। युवती ने कुक को अपना परिचय किसी बड़े अफसर की बेटी होने के रूप में दिया था।

सीडी बनने का आभास नहीं था
डीजीपी ने बताया कि सीडी भी कक्ष संख्या-1 में बनाई गई। युवती ने पहले से ही कैमरा सैट करकेरखा था। उन्होंने कहा कि सीडी में जोशी का कंडेक्ट देखने से भी यह स्पष्ट होता है कि उन्हें सीडी बनने का आभास नहीं था। इस सीडी को बनाने में कुछ और भी लोगों के शामिल होने की संभावना है।

युवती ने बातचीत सुनियोजित तरीके से रिकॉर्ड की
यह भी साबित हुआ कि युवती इस तरह के इलेक्ट्रानिक इक्वीपमेंट चलाने में एक्सपर्ट थी। कक्ष के भीतर हुई बातचीत युवती सुनियोजित तरीके से अपने फोन में रिकॉर्ड की थी।

एसपी देहात रहे जगदीश सिंह भंडारी पर लगाए गए धमकाने के आरोपों के कोई साक्ष्य विवेचना टीम को नहीं मिले। इसके अलावा अभी तक रितु कंडियाल के खिलाफ भी मुकदमे में किसी तरह से संलिप्त होना के साक्ष्य नहीं मिल सके है।

सीडी युवती ने बनाई तो भी जोशी पर गाज
यदि सीडी युवती ने तैयार की है और यह मामला ब्लैकमेल करने से जुड़ा है तो भी अपर सचिव जेपी जोशी सीआरपीसी 376 सी के तहत दोषी है। यह प्रावधान सरकारी अफसरों के लिए ही जोड़ा गया था। इसके तहत यह माना जाता है कि किसी अफसर ने अपने पद के खिलाफ आचरण किया है इसलिए वह दोषी है।
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