जोशीमठ पहुंचते ही जिला प्रशासन के साथ बैठक
जौलीग्रांट से चार्टर्ड प्लेन में सवार होकर करीब तीन बजे टीम जोशीमठ पहुंची। टीम ने जोशीमठ पहुंचते ही जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की और जरूरी जानकारियां जुटाई। इस बैठक में जिला अधिकारी डॉ. हिंमाशु खुराना ने टीम को अब तक की अपडेट दी। इस बैठक में केंद्रीय टीम के अलावा राज्य सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
आज जोशीमठ में आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेगी टीम
सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि टीम रविवार से सर्वेक्षण का काम शुरू करेगी। इसमें क्षतिग्रस्त आवासीय भवनों, सड़क, बिजली की लाइनों, पानी की लाइनों, विभागीय संपत्तियां, विस्थापन के लिए चिह्नित की गई जमीन के अलावा हर उस चीज का आकलन किया जाएगा, जिस भूधंसाव से नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि टीम अगल दलों में सर्वेक्षण का काम करेगी। उन्होंने बताया कि इस टीम एनडीएमए के अलावा संयुक्त राष्ट्र (यूएन), वर्ल्ड बैंक के अलावा तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
किसी भी राज्य में आपदा के बाद जब केंद्र सरकार कोई राहत पैकेज जारी करती है, उससे पहले पोस्ट-डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (पीडीएनए) किया जाता है। इसी रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार राहत पैकेज जारी करती है। इसके लिए एनडीएमए संयुक्त सचिव की निगरानी में टीम जोशीमठ पहुंच चुकी है, जो 25 अप्रैल तक वहां व्यापक सर्वेक्षण करने के बाद केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। - डॉ. रंजीत सिन्हा, सचिव आपदा प्रबंधन विभाग
पीएम से जोशीमठ के लिए आर्थिक पैकेज की मांग कर चुके हैं सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जोशीमठ भू-धंसाव मामले में राहत, विस्थापन और अवस्थापना विकास कार्यों के लिए 2942.99 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की मांग कर चुके हैं। उन्होंने पीएम प्रभावितों को तत्काल अस्थायी राहत और भविष्य में स्थायी राहत की योजना साझा की थी।