बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी डा. दीपक सैनी, तहसीलदार धीरज राणा व अन्य तहसील अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। नगर पंचायत अध्यक्ष के अलावा एक अन्य मकान पर अधिक दरारें पड़ी होने से दोनों मकानों पर क्रैकोमीटर लगा दिए गए हैं।
भू-वैज्ञानिक को क्रैकोमीटर की मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया है। प्रभावित केशव ने एसडीएम को बताया कि क्षतिग्रस्त मकानों पर रहने से भी डर लग रहा है। बरसात में वे अपने घर को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाते हैं। क्षेत्र में पैदल रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे स्कूली बच्चों व आम लोगों को आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं।
नगर पंचायत अध्यक्ष रमेश बंडवाल ने कहा कि पूर्व में भी प्रभावित क्षेत्र का तहसील की ओर से निरीक्षण किया गया, लेकिन न तो उन्हें मुआवजे का भुगतान हो पाया और ना ही प्रभावित क्षेत्र का ट्रीटमेंट हुआ है।