इन बिंदुओं पर बनी सहमति
आधे-अधूरे विकल्प पत्र वापस लेने और उनमें अन्य विकल्पों को शामिल किया जाए।
जिनके पास भवन हैं, लेकिन जमीन उनके नाम नहीं है ऐसे लोगों के लिए भी भूमि उपलब्ध कराई जाए।
होम स्टे को कुछ शर्तों के साथ व्यावसायिक श्रेणी से हटाया जाए।
परंपरागत भवनों, टिन शेड व कच्चे भवनों का मूल्य तुरंत निर्धारित किया जाए।
राजीव आवास व पीएम आवास के प्रभावित भवनों का तुरंत भुगतान किया जाए।
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होटल, दुकान आदि व्यवसाय वाले लोगों को विस्थापन वाली जगह पर इसकी व्यवस्था हो।
सुरक्षित कृषि भूमि का जो भुगतान चाहते हैं उन्हें भुगतान किया जाए, जो स्वामित्व अपने पास रखना चाहते हैं उन्हें रखने की अनुमति दी जाए।