उत्तराखंड में हाल ही में हुई शिक्षक भर्ती में नौकरी पाने से वंचित रहे गए 678 बेरोजगारों की दीपावली से पहले ‘लॉटरी’ लग गई है।
चयनित सूची में नाम आने के बावजूद ज्वाइनिंग न देने वाले 289 अभ्यर्थियों की जगह वेटिंग लिस्ट में शामिल बेरोजगारों को नियुक्ति दी जाएगी। साथ ही भर्ती में बढ़ाए गए 389 पदों पर भी नियुक्ति होगी।
हाल में वरिष्ठता के आधार पर शिक्षकों के 2794 पदों पर बीएड टीईटी प्रशिक्षितों को नियुक्ति दी गई थी। इस भर्ती प्रक्रिया में पहले से नौकरी कर रहे कुछ शिक्षकों को भी दोबारा नियुक्ति मिल गई थी।
इन शिक्षकों ने मनचाही तैनाती पाने के लिए दोबारा आवेदन कर दिया था, लेकिन इसके लिए विभाग से एनओसी नहीं ली थी।
शिक्षा विभाग ने लगाई थी शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक
30 सितंबर के अंक में अमर उजाला ने ‘गुरु जी खा गए 150 बेरोजगारों का मौका’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में इस मामले का खुलासा किया था।
इसके बाद शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगा दी थी और कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया था। नौकरी जाने के डर से दोबारा नियुक्ति पाने वाले शिक्षक काउंसिलिंग के लिए पहुंचे ही नहीं।
ऐसे सबसे अधिक मामले अल्मोड़ा और टिहरी जिले में सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें दूसरे विभागों में तैनात कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं, जिन्होंने बिना एनओसी आवेदन किया था। अपर मुख्य सचिव एस राजू ने बताया कि जल्द ही खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।
किसी भी अभ्यर्थी को दोहरा लाभ नहीं लेने दिया जाएगा। जो अभ्यर्थी चयनित होने के बावजूद काउंसलिंग के लिए नहीं पहुंचे उनके स्थान पर वेटिंग सूची में शामिल अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा।
- मंत्री प्रसाद नैथानी, शिक्षा मंत्री
कहां कितने पद रह गए खाली
चंपावत में 07, उत्तरकाशी में 30, टिहरी में 36, रुद्रप्रयाग में 10, चमोली में 25, पौड़ी में 21, देहरादून में 32, हरिद्वार में 17, ऊधमसिंह नगर में 20, नैनीताल में 03, अल्मोड़ा में 45, बागेश्वर में 19 और पिथौरागढ़ जिले में 24 चयनित अभ्यर्थी नहीं पहुंचे काउंसिलिंग में।
बढ़ सकते हैं कुछ और पद
शिक्षकों की भर्ती के संबंध में एससीईआरटी में अब तक 500 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि शिकायतें सही साबित हुई तो कुछ चयनित शिक्षकों को नियुक्ति रद्द हो सकती है। ऐसे हुआ तो नौकरी पाने से वंचित रह गए कुछ और अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा। अपर निदेशक एससीईआरटी आरडी शर्मा ने कहा कि शिकायतों की जांच की जा रही है।
प्रदेश में शिक्षकों के भर्ती के कहां कितने पद खाली रह गए संबंधित जिलों से इसकी सूचना मांगी जा रही है। कुछ रोज बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
- राकेश कुंवर, शिक्षा निदेशक
760 हेड मास्टरों को दिवाली का तोहफा
उत्तराखंड के हाईस्कूल के 760 हेड मास्टरों को प्रमोशन के रूप में दिवाली का तोहफा मिल सकता है। उनकी इंटरमीडिएट कॉलेज में प्रिंसिपल के पद पर प्रमोशन को लेकर आ रही बाधा को दूर करने पर सहमति बनी है।
अपर मुख्य सचिव एस राजू ने कहा कि इसका प्रस्ताव तैयार कर इसे कैबिनेट में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। प्रदेश में इंटरमीडिएट कॉलेजों में प्रिंसिपल के 760 पद रिक्त हैं। इन रिक्त पदों पर हाईस्कूल के हेड मास्टर प्रमोशन की मांग करते आ रहे हैं।
वही उनका कहना है कि इंटरमीडिएट कालेजों में प्रिंसिपल के शैक्षिक संवर्ग की बाध्यता को समाप्त किया जाए। राजकीय प्रधानाचार्य एसोसिएशन की इस मांग पर बुधवार देर रात एसोसिएशन की अपर मुख्य सचिव एस राजू के साथ हुई बैठक में कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि इंटरमीडिएट के प्रिंसिपलों को एक जनवरी वर्ष 2006 के बाद शैक्षिक संवर्ग में रखा गया है। जबकि इससे पहले के प्रिंसिपलों को प्रशासनिक संवर्ग दिया गया।
प्रिंसिपलों को शैक्षिक संवर्ग में रखे जाने से उनके प्रमोशन के अवसर समाप्त हो गए हैं। मामले को लेकर एसोसिएशन की शासन में हुई बैठक में प्रिंसिपलों के रिक्त शत प्रतिशत पदों को प्रमोशन से भरे जाने और शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग की बाध्यता को समाप्त किए जाने पर सहमति बनी है।
बैठक में शिक्षा सचिव एमसी जोशी, शिक्षा निदेशक चंद्र सिंह ग्वाल, शिक्षा निदेशक बेसिक राकेश कुंवर, एसोसिएशन के महामंत्री रविंद्र प्रसाद द्विवेदी, संरक्षक दर्शन सिंह बिष्ट, बीडी बहुगुणा, रामबाबू विमल, एके तिवारी, प्रकाश पंत, अवतार सिंह राणा, जेपी मैठाणी, हेमवंती नौटियाल, प्रेमलता बोडाई, कमला आदि मौजूद थे।