बृहस्पतिवार दोपहर घर में प्रदीप (28), उसकी पत्नी प्रीति (25) और तीन महीने का मासूम बेटा सचिन था। उसने अपने भाई को फोन कर सब कुछ खत्म करने की बात कही। यह सुनकर जब राजीव, संजीव और अन्य परिजन घर पहुंचे तो कमरे में प्रदीप, प्रीति और सचिन मृत पड़े थे।
तीनों के सिर में गोली लगी थी और पास ही पिस्टल भी पड़ी थी। कमरे के फर्श और दीवारों पर खून ही खून था। कमरे का हृदयविदारक दृश्य देखकर परिजनों के मुंह से चीख निकल गई। मौके पर मोहल्ले वालों की भीड़ जुट गई।
सूचना पर रुद्रपुर कोतवाली के एसएसआई बीसी जोशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली लेकिन घटनास्थल रामपुर जिले के बिलासपुर थाने के इंस्पेक्टर माधो सिंह बिष्ट के साथ सीओ केमरी अशोक कुमार पांडेय, सीओ स्वार ब्रह्मपाल सिंह भी मौके पर पहुंच गए। मृतक के भाई राजीव ने पुलिस को बताया कि प्रदीप बीते कुछ समय से तनाव में चल रहा था।
परिजन उसे लगातार समझाने की कोशिश कर रहे थे। सुबह भी परिजनों ने उसे काफी समझाया था लेकिन वह तनाव के चलते इतना बड़ा कदम उठा लेगा, इसका किसी को एहसास नहीं था। पुलिस ने पिस्टल को जब्त कर तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
प्रथम दृष्टया लग रहा है कि प्रदीप ने पत्नी और बच्चे की हत्या करने के बाद खुद को गोली मारी है। घटनास्थल पर मिली पिस्टल को कब्जे में लिया गया है। जांच की जा रही है कि मामला जैसा दिख रहा है, वैसा ही है या नहीं। आसपास लगे सीसीटीवी भी खंगाले जा रहे हैं। - बह्मपाल सिंह, सीओ स्वार रामपुर
बड़े भाई प्रदीप ने फोन पर सब कुछ खत्म करने की सूचना दी तो छोटा भाई संजीव उर्फ शुभम दौड़कर घर पहुंचा तो मुख्य गेट अंदर से बंद था। वह किसी तरह गेट खोलकर अंदर गया तो भाई, भाभी और भतीजा लहूलुहान पड़े थे। भतीजे सचिन की सांस चल रही थी। सीओ ब्रह्मपाल ने बताया कि भाई ने सांस चलने पर सचिन को अस्पताल ले जाने की कोशिश की थी लेकिन बच्चे ने भी दम तोड़ दिया। घटनास्थल से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
सुभाषनगर की सिंह कॉलोनी में हुई दिल दहला देने वाली घटना से मोहल्लेवासी अनजान रहे। गोली चलने की आवाज किसी ने नहीं सुनी थी। जब परिजन घर पहुंचे और शवों को देखकर बिलखने लगे, तब जाकर मोहल्ले के लोगों को घटना की जानकारी हुई।
बताया जा रहा है कि प्रदीप ने जिस पिस्टल का इस्तेमाल किया था, उसमें साइलेंसर लगा था। इसके चलते किसी को गोली की आवाज नहीं सुनाई दी। सीओ ब्रह्मपाल ने बताया कि पिस्टल और मैगजीन को कब्जे में लिया गया है। पिस्टल के संबंध में कोई कागजात नहीं मिल पाए हैं। पिस्टल प्रदीप के पास कहां से आई, इसकी भी जांच होगी।
कर्जदार कर रहे थे परेशान, जांच के लपेटे में आएंगे
मृतक प्रदीप ने कुछ लोगों से कर्ज ले रखा था लेकिन कर्ज नहीं चुकाने पर वे लोग प्रदीप से बार-बार तगादा कर रहे थे। इसके चलते प्रदीप तनाव में आ गया था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि कर्ज नहीं चुकाने से प्रदीप परेशान था। कर्ज देने वाले दबाव बना रहे थे। यूपी पुलिस के अनुसार तगादा करने वालों की भी जांच की जाएगी।
मासूम का शव देख छलकीं हर आंख
दंपती और मासूम की मौत से मोहल्ले के लोग भी सन्न हैं । दंपती के अलावा तीन माह के मासूम की मौत ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया। जिसने भी यह मंजर देखा उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। लोगों का कहना था कि जिस मासूम ने तीन महीने पहले ही दुनिया में कदम रखा था, उसकी क्या गलती थी। मासूम के सिर पर भी गोली मारी गई थी। उनका कहना था कि कर्ज के तनाव ने तीन जिंदगी लील ली।