जनपद पौड़ी में चीन से लौटे 11 लोगों को स्वास्थ्य विभाग ढूंढने में जुट गया है। स्वास्थ्य महकमे ने इन्हें कोरोना वायरस के संदिग्ध लोगों की श्रेणी में रखा है। जिले के स्वास्थ्य महकमे को भारत सरकार से इन 12 लोगों के नाम व पते मिले हैं। वहीं जनपद का स्वास्थ्य विभाग पहले से ही कोरोना वायरस को लेकर सतर्क बना हुआ है।
एसीएमओ डा. रमेश कुंवर ने बताया कि भारत सरकार से 12 संदिग्ध लोगों की सूची प्राप्त हुई है। जिनमें से एक का परीक्षण कर लिया गया है। जबकि अन्य को परीक्षण के लिए तलाशा जा रहा है।
जनपद के स्वास्थ्य विभाग ने 15 निगरानी टीमें व चार नोडल केंद्र बनाए हुए हैं। जहां दवाओं व वेंटीलेटर की व्यवस्था कर ली गई है। इनमें जिला चिकित्सालय पौड़ी, संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर, मेडिकल कॉलेज श्रीनगर व बेस चिकित्सालय कोटद्वार शामिल हैं।
15 निगरानी टीमें तैनात
कोरोना वायरस के परीक्षण, रोकथाम व जागरुकता के लिए 15 निगरानी टीमें गठित की गई हैं जो जनपद के प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय में तैनात हैं। टीम में एक-एक डॉक्टर, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वॉय व एएनएम शामिल हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर सतर्कता बरता रहा स्वास्थ्य विभाग चीन से देहरादून लौटे 123 लोगों की तलाश में जुटा है। यह वह लोग हैं जो पिछले एक महीने में चीन से लौटे हैं। इनमें से अकेले 62 लोग पिछले 15 दिन के भीतर चीन से देहरादून आए हैं।
केंद्र सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग को चीन से लौटे इन लोगों के नाम और पते भेजे गए हैं। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के हिसाब से ऐसे लोगों को तलाश कर उनकी सेहत जांची जा रही है। विभाग को कुछ लोग मिले भी हैं, जिनकी स्वास्थ्य जांच कर काउंसलिंग की गई है।
सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि पिछले एक महीने में चीन से लौटे लोगों का पता कर डॉक्टरों द्वारा उनकी स्वास्थ्य जांच और काउंसलिंग की जा रही है। डरने जैसी कोई भी बात नहीं है। एहतियातन इन लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।
आशाओं की भी जिम्मेदारी तय की
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मीनाक्षी जोशी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे से निपटने को लेकर बैठक हुई। डॉ. मीनाक्षी ने बताया कि इससे बचाव के लिए आशा कार्यकर्ताओं की भी जिम्मेदारी तय कर दी गई है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर उन लोगों की पहचान करेंगी जो पिछले एक माह के भीतर चीन से देहरादून लौटे हैं।
सीएमओ ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की तैयारियों की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि हाल में चीन से लौटे लोगों को अगर सर्दी, जुकाम या बुखार है तो उन्हें संदिग्ध मरीज श्रेणी में मानकर अस्पतालों में समुचित उपचार दिया जाए और सैंपल जांच के लिए भेजे जाएं। बैठक में एसीएमओ डॉ. एनके त्यागी, नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश चौहान, डॉ. पीयूष अगस्टीन आदि भी उपस्थित रहे।
वहीं कोरोना वायरस से मचे कोहराम के बीच उत्तरकाशी का एक युवक न्यूजीलैंड से चीन के रास्ते उत्तरकाशी पहुंचा है। बृहस्पतिवार को सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग अब इस युवक के स्वास्थ्य परीक्षण की तैयारी में जुट गया है। हवाई जहाज में उसके साथ तीन लोग टिहरी जिले के भी थे।
चिन्यालीसौड़ का एक युवक न्यूजीलैंड के एक होटल में काम करता है। बीते 22 जनवरी को यह युवक अपनी शादी के लिए चिन्यालीसौड़ पहुंचा। इससे पहले युवक न्यूजीलैंड से चीन के रास्ते भारत आया था। सफर के दौरान उसका हवाई जहाज चीन के गुआंजो एयरपोर्ट पर करीब दो घंटे के लिए रुका था। बीते एक फरवरी को युवक की शादी संपन्न हो गई है।
कोरोना वायरस के बीच चीन के रास्ते जिले में एक युवक के पहुंचने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर डीपी जोशी ने बताया कि सूचना मिलने पर अब युवक से संपर्क कर उसे स्वास्थ्य परीक्षण के लिए हायर सेंटर भेजा जाएगा। फिलहाल युवक में किसी तरह के संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। युवक से बात करने पर उसने बताया कि वह चार लोग हवाई जहाज से भारत लौटे थे। उसमें तीन लोग टिहरी जिले के भी थे।