शिक्षा मंत्री के फोन से टॉपर को चला पता
अनुष्का ने कहा, परिणाम देखने के लिए वह सुबह से फोन पर ऑनलाइन परिणाम देख रही थीं। लेकिन सर्वर व्यस्त होने और इंटरनेट ठीक से न चल पाने की वजह से उन्हें अपना रिजल्ट ही पता नहीं चला। लेकिन सुबह करीब 11 बजे शिक्षा निदेशालय से शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अनुष्का को फोन किया तो उन्हें पता चला कि 98.6 फीसदी अंक पाकर अनुष्का ने पूरे प्रदेश में टॉप किया है। इसके बाद तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा।
अंग्रेजी माध्यम से बेहतर हैं सरकारी विद्यालय
अनुष्का ने 10वीं तक की पढ़ाई दून के एक प्रसिद्ध स्कूल से की है। लेकिन पिता सरकारी विद्यालय में प्रवक्ता हैं, तो उन्होंने 11वीं और 12वीं की पढ़ाई उत्तराखंड बोर्ड से संबद्ध विद्यालय से करनी चाही। अनुष्का ने कहा, अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय की तुलना में सरकारी विद्यालय बेहतर हैं। शिक्षक और पढ़ाई का माहौल भी कई गुना अच्छा है। बस इसके लिए छात्रों को लगन से पढ़ाई करनी होगी।
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बेटी ने साबित किया सरकारी स्कूल से पढ़कर भी हासिल कर सकते हैं सफलता
अभिभावकों को संदेश देते हुए अनुष्का की मां कुमुद राणा ने कहा, अभिभावकों का यह सोचना कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई का माहौल नहीं है, यह हमारे समाज का दुर्भाग्य है। लेकिन मेरी बेटी ने यह साबित कर दिया कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई कर भी बच्चे सफलता हासिल कर सकते हैं। बताया, बेटी ने जिसे निजी विद्यालय से 10वीं तक की पढ़ाई की वह घर के पास और शहर में मौजूद था। लेकिन, बेटी ने मन बनाया कि घर से 20 किलोमीटर की लंबी यात्रा तय कर पढ़ाई करना चाहती है।