जन-धन खाते के नाम पर करोड़ों दांव पर है। हर घर में एक खाता खोलने का काम तो तेजी से किया गया, लेकिन 60 फीसदी खातों में ट्रांजेक्शन नहीं हुआ है।
जबकि 45 दिन में लेन-देन रहित खातों को बंद करने के निर्देश हैं। उत्तराखंड में बीती 31 जनवरी तक साढ़े 12 लाख खाते खुले हैं। एक खाते पर खर्च 140 रुपए आया है। इस तरह इसमें तकरीबन 17 करोड़ रुपए का खर्च आया है।
साफ है कि जिन खातों में अब तक एक रुपया भी जमा नहीं है, उन पर खर्च हुआ 10 करोड़ से अधिक पानी में है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना का आगाज बीती 28 सितंबर को जोर-शोर से हुआ था। लक्ष्य पूरा करने के लिए बैंकों ने एड़ी-चोटी का जोर लगाया।
26 जनवरी तक खुले खातों पर सभी लाभ देने की घोषणा की गई, लेकिन उसके बाद खुले खातों से 30 हजार का लाइफ कवर बेनिफिट खत्म कर दिया गया। हर घर में एक खाते का लक्ष्य सौ फीसदी पूरा होने का दावा किया जा रहा है। लेकिन इन खातों का संचालन टेढ़ी खीर है।