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जन-धन योजना से खतरे में हजारों बैंक खाते

Sun, 28 Sep 2014 01:05 PM IST
प्रवेश कुमारी/ अमर उजाला, देहरादून
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी जन-धन योजना के तहत खोले गए हजारों खाते नॉन-ऑपरेटिव होने जा रहे हैं।
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पांच हजार रुपए के ओवर ड्राफ्ट की सुविधा के फेर में उन लोगों ने भी बैंकों में कई खाते खुलवा डाले, जो पहले से खाताधारक थे। जबकि दिशा-निर्देश हैं, बीमा, डेबिट कार्ड जैसी सुविधा वर्तमान खाते पर भी मिलेगी।

ऐसे में जिन लोगों ने पांच-पांच, छह-छह खाते खुलवाए हैं, वह बेकार होंगे। एक खाते पर 112 रुपए का शुरुआती खर्च आ रहा है। इस तरह करोड़ों रुपए पानी में हैं।
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जानकारों की मानें तो ऐसे लोगों की संख्या 30 फीसदी के करीब है, जिन्होंने पहले खाता होते हुए अन्य बैंकों में खाते खुलवाए हैं।

कनफ्यूजन ही कनफ्यूजन

जन-धन के साथ एक समस्या यह भी हो सकती है कि ग्राहक को किस खाते पर बैंक यह सुविधा प्रदान करेगा? क्योंकि दूसरे बैंक में खाता है या नहीं, यह जानने का तरीका बैंकों के पास नहीं है।

खातों को एक ही आईडी से लिंक करने की मुहिम रंग नहीं ला सकी है। क्या, कैसे होगा, अभी छह माह और इंतजार करना होगा।

टारगेट के चक्कर में डबल-ट्रिपल
बैंकों ने टारगेट के चक्कर में डबल-ट्रिपल खाते खुलवाए। इसके लिए बिजनेस कारेस्पांडेंट का सहारा लिया गया है। उन्हें 75000 रुपये दिए गए हैं, ताकि वह लैपटाप पर खाता खोल सकें। इन्हें बाद में सीबीएस पर अपलोड किया जा रहा है।

1000 कर्मचारी कम, बेहद मुश्किल
जन-धन योजना को सुचारू चलाने के लिए एक हजार कर्मचारियों की अतिरिक्त जरूरत थी। उत्तराखंड में विभिन्न बैंकों की 1500 से अधिक शाखाएं हैं। यहां मौजूदा कर्मचारियों में से ही जन-धन खातों के काम में लगाए गए हैं।
- जगमोहन मेहंदीरत्ता, महामंत्री-उत्तरांचल बैंक इंप्लाइज यूनियन
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प्रदर्शन में गूंजा जन-धन, उठा सवाल

जन-धन योजना की गूंज अखिल भारतीय मांग दिवस के मौकेपर बीते सोमवार पीएनबी की एस्लेहाल शाखा पर हुए प्रदर्शन के दौरान भी रही।

बैंक कर्मी जुटे तो विशेष रूप से वेतन समझौते के संबंध में प्रदर्शन के लिए थे, लेकिन इस दौरान उन्होंने जन-धन के सुचारू क्रियान्वयन में आ रहीं दिक्कतों को उठाया। कहा कि स्पष्ट दिशा निर्देश के अभाव में दिक्कत हो रही है।

पर्याप्त जानकारी के अभाव में लोगों ने कई बैंकों में कई खाते खुलवा लिए हैं। पीएनबी का 10 हजार खातों का लक्ष्य था। बैंक ने 18 हजार से अधिक खाते खोल दिए हैं।
- अश्विनी वत्स, मंडल प्रमुख, पीएनबी

बैंक अपने लक्ष्य से लगभग 2000 आगे हैं। यहां 10 हजार से भी अधिक खाते जन-धन योजना के तहत खोले जा चुके हैं। लोगों में योजना को लेकर उत्साह है।
- बीएस गुसाईं, मार्केटिंग मैनेजर, केनरा बैंक
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