पिता की मौत के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी शारिक और बड़े भाई पर आ गई थी। शारिक का बड़ा भाई आसपास मजदूरी करता था। जबकि शारिक करीब दो साल पहले टोडा ऐहतमाल निवासी अपने मामा साजिद के पास जम्मू में सिलाई का काम सीखने चला गया।
जनकारी के अनुसार, जिस वक्त सुबह लगभग 11.30 बजे धमाका हुआ उस समय बस में छह से सात लोग सवार थे। इनके अलावा धमाके से आसपास के दुकानदार व कुछ यात्री घायल हो गए। घायलों को तुरंत स्थानीय लोगों के सहयोग से गवर्नमेंट मेडिकल कालेज ले जाया गया। इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।