निर्माण के सकारात्मक संकेत दिए
जानकारी के मुताबिक, ऊर्जा मंत्रालय ने उत्तराखंड के प्रस्ताव को समर्थन दिया लेकिन जल शक्ति मंत्रालय ने नदियों के प्रवाह संबंधी कई मसलों को लेकर इसमें अड़ंगा लगा दिया। सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम से बताया कि फिलहाल पीएमओ ने सभी पक्षों को ले लिया है। इसी हिसाब से अब पीएमओ इस पर निर्णय लेगा। उन्होंने इन परियोजनाओं के निर्माण के सकारात्मक संकेत दिए।
ये हैं प्रस्तावित जल विद्युत परियोजनाएं
गैर विवादित परियोजनाएं व उनकी क्षमता
परियोजना का नाम- नदी का नाम- क्षमता(मेगावाट में)
बावला नंदप्रयाग- अलकनंदा- 300
भिलंगना 2ए- भिलंगना- 24
देवसारी- पिंडर- 252
नंदप्रयाग लगासू- अलकनंदा- 100
भिलंगना 2बी- भिलंगना- 24
मेलखेत- पिंडर- 24.3
देवाली- नंदाकिनी- 13
कैलगंगा- कैलगंगा- 5
कोट बूढ़ा केदार- बाल गंगा- 6
भिलंगना 2सी- भिलंगना- 21
सुवारी गाड- सुवारी गाड- 2
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परियोजना का नाम- नदी का नाम- क्षमता(मेगावाट में)
लता तपोवन- धौलीगंगा- 171
कोटलीभेल 1ए- भागीरथी- 195
तमकलता- धौलीगंगा- 190
अलकनंदा- अलकनंदा- 300
कोटलीभेल 1बी- अलकनंदा- 320
भ्यूंदर गैंग- भ्यूंदर गैंग- 24.3
खिराओगंगा- खिराओगंगा- 4
झालाकोटि- धरम गंगा- 12.5
उर्गम-2- कल्पगंगा- 7.5
झेलम तमक- धौलीगंगा- 128