पीएमओ में होगी बैठक
इस पर राज्य सरकार ने बताया कि मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित विशेषज्ञ समिति की अंतिम रिपोर्ट 2020 में आई है। इस रिपोर्ट में इन परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी गई है। बावजूद इसके बात नहीं बन पाई। तय हुआ कि अब इस मामले में पीएमओ में ही बैठक होगी।
जून माह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भेजा था। इसमें उन्होंने बताया था कि जल शक्ति मंत्रालय की असहमति होने पर इन परियोजनाओं का विकास संभव न होगा। मामले में सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई की तिथि सात अगस्त तय है। उन्होंने पत्र में कहा है कि पिछले साल सात जुलाई को प्रमुख सचिव पीएम कार्यालय की अध्यक्षता में हुई बैठक में चरणबद्ध तरीके से इन परियोजनाओं को अनुमति का अनुरोध किया गया था।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: आज ऋषिकेश में सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत, RSS के बड़े कार्यकर्ताओं के साथ सीएम धामी भी पहुंचेंगे
बैठक के निर्णय के संबंध में अब तक कोई दिशा निर्देश जारी नहीं हुए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर से समीक्षा के लिए इन परियोजनाओं पर विशेषज्ञ समिति की अंतिम रिपोर्ट पेश करने और उसी हिसाब से प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने की भी अपेक्षा की। मांग की थी कि इसकी समीक्षा की जाए। अभी पीएमओ में बैठक की तिथि तय नहीं हुई है।