प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का काम महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपने की तैयारी है। इसके लिए प्रदेश सरकार जल सखी तैयार करेगी। इनको गांव में पेयजल आपूर्ति व बिलों का काम सौंपा जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर 2022 में लखपति दीदी योजना शुरू की गई।
इसके तहत अब तक 1.63 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। ग्रामीण महिलाओं की आजीविका में वृद्धि के लिए सरकार जल सखी योजना शुरू करने जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नए कनेक्शन देने, बिल वितरण, बिल वसूली और योजनाओं के रखरखाव का काम आउटसोर्स के आधार पर महिला स्वयं सहायता समूहों को दिया जाएगा।
इसके अलावा विभाग की ओर से महिला समूहों को पेयजल गुणवत्ता जांचने के लिए किट भी उपलब्ध कराई जाएगी। महिला स्वयं सहायता समूह पेयजल योजना में आने वाली खराबी की रिपोर्ट भी विभाग को देंगी। इसके लिए चयनित समूहों को नल जल मित्र के तौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा।
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पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरु की जा रही इस योजना में महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रति बिल 10 रुपए का प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार की इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को अपने घर में ही रोजगार का अवसर मिलेगा।