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आलीशान कोठी और जेड प्लस सिक्योरिटी में यहां रह रहे थे अजय गुप्ता, 'हवा' की तरह हुए गायब

Sat, 17 Feb 2018 07:49 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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AJAY GUPTA HOUSE
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दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में कारोबार करने वाले गुप्ता बंधुओं को उत्तराखंड में त्रिवेंद्र रावत सरकार की ओर से जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। देहरादून में कर्जन रोड स्थित उनकी कोठी पर एक प्लस चार की गारद तैनात है।

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गुप्ता बंधुओं ने सुरक्षा घेरा अपने खर्चे पर लिया है। बाकायदा एडवांस में पूरा पैसा जमा किया है। गुप्ता बंधुओं के दून आने पर यह सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। दक्षिण अफ्रीका में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद शुक्रवार को अजय गुप्ता उसी सुरक्षा घेरे में अज्ञात जगह रवाना हुए।

भ्रष्टाचार के आरोप में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा के इस्तीफे के बाद जोहानिसबर्ग की पुलिस को कारोबारी अजय गुप्ता की तलाश है। शुक्रवार को इस मामले में नया खुलासा हुआ कि कारोबारी अजय गुप्ता देहरादून स्थित कोठी में कई दिन से ठहरे थे।
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बड़ी बात यह है कि उनके खिलाफ वारंट जारी होने के बाद भी शुक्रवार को उनका रुतबा कम नहीं हुआ। दोपहर में वह जेड श्रेणी सुरक्षा घेरे में अपनी कोठी से रवाना हुए। पुलिस कर्मी उन्हें सहस्त्रधारा हेलीपैड पर छोड़कर वापस आए।

गुप्ता बंधुओं की कोठी पर अलग से एक प्लस चार की गारद तैनात है, जो 24 घंटे यहां अलर्ट रहती है। यह सुरक्षा त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार आने के बाद उपलब्ध कराई गई थी। अपने खर्च पर जेड श्रेणी सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश 16 जून 2017 का है।

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विदेशी सुविधाओं से लैस है आलीशान कोठी

Jacob Zuma
शासन में अनु सचिव ज्योतिर्मय त्रिपाठी की तरफ से पुलिस महानिदेशक को गुप्ता बंधुओं को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे। सुरक्षा में दो गारद, दो कमांडर, दो पीएसओ और छह पुलिसकर्मी शामिल हैं।

विदेशी सुविधाओं से लैस है आलीशान कोठी
डालनवाला कोतवाली क्षेत्र में कर्जन रोड स्थित गुप्ता बंधुओं की कोठी विदेशी सुविधाओं से लैस है। सूत्रों की मानें तो कोठी करीब 25 बीघा क्षेत्र में बनी है। कोठी में दो गेट है, मगर सुरक्षा की दृष्टि से एक गेट हमेशा बंद रहता है। अंदर आम और लीची के बाग के अलावा एक हिस्से में खासी हरियाली है। कोठी के अंदर तमाम सुविधाएं विदेशी हैं। गुप्ता बंधुओं से कम लोग ही परिचित है, क्याेंकि वे काले शीशों की लग्जरी कारों से आवागमन करते हैं। गारद में लगे सुरक्षाकर्मियों को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं है। गुप्ता बंधुओं के पुराने और कुछ खास लोगों के ऊपर अंदर की व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी है।

गुप्ता बंधुओं को सुरक्षा उपलब्ध कराने का प्रकरण संज्ञान में नहीं है। प्रकरण सामने आएगा तो उसे देखा जाएगा। सुरक्षा प्रदान करने की एक प्रक्रिया है। विश्लेषण होता है और पूरी प्रक्रिया निभाई जाती है। इसके बाद सुरक्षा देने का निर्णय होता है। यह आवश्यकता आधार पर प्रदान की जाती है। एक निश्चित अंतराल में समीक्षा के बाद इसे घटाया और बढ़ाया भी जा सकता है।
-आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव गृह
 
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