आईटी कंपनी में इंजीनियर की जॉब करने वाले आशीष सजवाण (24) ने गांव के विकास के लिए जॉब छोड़ी तो ग्रामीणों ने भी उसे सिर आंखों पर बिठाकर निर्विरोध प्रधान चुन लिया।
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त्यूनी क्षेत्र के के बौठाड़ निवासियों ने सर्वसम्मति से ग्राम प्रधान के पद पर आशीष के नाम पर मुहर लगाई। आशीष ने केंद्रीय तिब्बती विद्यालय मसूरी से इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2012 में तुलाज इंस्टीट्यूट से आईटी में बीटेक किया।
गांव में रहकर विकास कार्यों में जुट
उनका दिल्ली की आईपीएल (इनफारमेशन प्रोसेसिंग लिमिटेड) कंपनी में कॉलेज प्लेसमेंट भी हो गया लेकिन वे गांव में विकास की बयार लाना चाहते थे।
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छह माह पूर्व उन्होंने 25 हजार की जॉब छोड़ दी और गांव में ही रहकर विकास कार्यों में जुट गए। बकौल आशीष उनके गांव में आज भी सड़क सुविधा नहीं है।
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ग्रामीणों को चार से पांच किलोमीटर की दूरी नापकर गांव पहुंचना पड़ता है। ऐसे में उनका प्राथमिक लक्ष्य गांव तक सड़क पहुंचाना है। आशीष अपने घर में सबसे छोटे हैं।
बड़े भाई करते हैं गांव में खेतीबाड़ी
उनके पिता का जब निधन हुआ था तब वे महज आठ साल के थे। बड़े भाई गांव में ही खेतीबाड़ी करते हैं। उनके पास छह नाली जमीन है।
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चकराता प्रखंड के बौठाड़ ग्राम पंचायत में 350 की आबादी निवास करती है। जिनमें 159 वोटर हैं।
विकास के लिए आशीष को दिया मौका
ग्रामीण वीर सिंह रावत, संतराम, प्रताप रावत, केदार सिह आदि का कहना है कि आशीष ने गांव के विकास के लिए अपनी जॉब तक छोड़ दी।
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ऐसे में ग्रामीणों का भी फर्ज बनता है कि वह उसे विकास का पूरा मौका दें। आशीष युवा होने के साथ ही पढ़ा-लिखा भी है। उसके प्रधान बनने से गांव को तेजी से विकास हो सकेगा।
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वह लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है। बचपन में भी जब वह घर आता था तो लोगों को साफ-सफाई के लिए जागरूक करता था।