प्रदेश सरकार को एक और राहत भूमि हस्तांतरण के मामले में मिल सकती है। केंद्रीय वन मंत्री के मुताबिक एक हेक्टेयर तक की वन भूमि हस्तांतरण के मामलों में क्षेत्रीय कार्यालय को फैसला करने का अधिकार दे दिया गया है। इससे भूमि हस्तांतरण के मामलों में तेजी आएगी।
केदारनाथ आपदा के बाद पांच हेक्टेयर तक की वन भूिम के हस्तांतरण का अधिकार प्रदेश को दिया गया था, लेकिन अब यह अधिकार केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में निहित है। केंद्रीय वन मंत्री के मुताबिक क्षतिपूर्ति के तहत प्रदेश के निमभन वनों मेें पौधरोपण का अधिकार भी दिया जा रहा है।
अभी तक क्षतिपूर्ति पौधरोपण वन भूमि से इतर क्षेत्रों में करनी होती है। राजस्व भूमि की कमी के कारण कई बार प्रदेश से बाहर के क्षेत्रों में क्षतिपूर्ति वनीकरण किया जा रहा है। केंद्रीय वन मंत्री ने कहा कि एक हजार से ऊपर की ऊंचाई के क्षेत्रों में पेड़ों के पातन का अधिकार राज्य को देने पर भी काम किया जा रहा है। कैंपा में 30 सितंबर के बाद भी बजट को खर्च करने की अनुमति दी जा रही है।