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सीएम त्रिवेंद्र ने की चार साल के इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स की घोषणा, तीन नए कोर्सों को भी मंजूरी

Mon, 09 Sep 2019 08:43 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश/हरिद्वार
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- फोटो : फाइल फोटो
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विश्व बैंक पोषित अर्द्धनगरीय क्षेत्रों के लिए उत्तराखंड पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत श्यामपुर में 39.01 करोड़ की लागत से दो पेयजल योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें प्रतीतनगर में 25.65 करोड़ और खड़कमाफ में 13.36 करोड़ से पेयजल योजना शामिल हैं।

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इसके अलावा उन्होंने ऋषिकेश स्थित राजकीय महाविद्यालय में शिक्षा शास्त्र, समाज शास्त्र और गृह विज्ञान विषय को मंजूरी दी है। साथ ही चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स को भी शुरू करने और महाविद्यालय की चारदीवारी के लिए भी घोषणा की।

रविवार को हरिद्वार मार्ग स्थित वेडिंग प्वाइंट में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल की ओर से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सम्मान में आभार कार्यक्रम आयोजित किया गया। 
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इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्राथमिकता के आधार पर प्रदेश में विकास कार्य कर रही है। जहां समस्या ज्यादा है, उसे पहले किया जा रहा है। राज्य में 25 दिसंबर के बाद अभी तक 70 हजार लोगों को अटल आयुष्मान योजना का लाभ मिल चुका है।

इससे बड़े-बड़े प्राइवेट अस्पतालों के चिकित्सकों में बेचैनी बढ़ गई है। कई प्राइवेट अस्पतालों में प्रेक्टिस कर रहे चिकित्सक पीआईएल डालने की बात कहते हैं लेकिन राज्य सरकार इनके आगे झुकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए उन्हें राज्य सरकार जीरो प्रतिशत पर ऋण उपलब्ध करा रही है।  

कन्वेंशन सेंटर में होंगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की गोष्ठियां

सीएम ने कहा कि  ऋषिकेश में शीघ्र कन्वेंशन सेंटर बनाया जा रहा है, जहां अंतरराष्ट्र्रीय स्तर की गोष्ठियां होंगी। भारत में अभी तक हैदराबाद में कन्वेंशन सेंटर है, मगर यह छोटा है, ऋषिकेश का कन्वेंशन सेंटर इससे बहुत बड़ा होगा।

इससे न सिर्फ राज्य को राजस्व मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। इसके अलावा श्यामपुर में देश का पहला सेक्स सॉर्टेड सीमेन सेंटर खोला गया है। संस्थान में 93 प्रतिशत बछियां पैदा हो सकेंगी। 

कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में 600 से अधिक ऐसे दूरस्थ ग्रोथ सेंटर बनाने की योजना बना रही है, जहां पर गांवों के लोग अपनी आर्थिक गतिविधियों का संचालन कर सकें और अपने उत्पाद का अच्छा मूल्य प्राप्त कर सकें। आंगनबाड़ी में पढ़ रहे निर्धन बच्चों को सप्ताह में दो दिन दूध देने का काम भी राज्य सरकार ने शुरू किया है।

राज्य में 27 हजार बच्चे कुपोषण के शिकार है, इनमें 1700 बच्चे अति कुपोषण के शिकार है। ऐसे बच्चों को सरकार गोद ले रही है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री को केदारनाथ का स्मृति चिह्न भी भेंट किया।  

इस मौके पर विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षामंत्री का श्रीदेव सुमन विवि कैंपस बनाने तथा विभिन्न पेयजल योजनाओं, सड़कों आदि कार्यों की स्वीकृति देने पर आभार व्यक्त किया। 
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वस्तिरित किया जाएगा कुंभ क्षेत्र 

हरिद्वार पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि संतों के सानिध्य में कुंभ मेला सकुशल संपन्न होगा। इसके लिए केंद्र सरकारे से करीब 900 करोड़ रुपये मांगे गए हैं। उन्होंने कुंभ मेला क्षेत्र के विस्तार की बात भी कही। उन्होंने रविवार को हरिद्वार यात्रा के दौरान विभिन्न अखाड़ों और आश्रमों में जाकर संतों से आशीर्वाद लिया। इसके साथ ही कुंभ के आयोजन के बारे में चर्चा की। 

इसके बाद वे कनखल स्थित दक्ष प्रजापति मंदिर में गए। जहां उन्होंने दक्षेश्वर महादेव पर जलाभिषेक कर महाकुंभ के सकुशल संपन्न होने की कामना की। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक भी इस दौरान मौजूद रहे। पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कुंभ को लेकर पूरी तरह तैयार है। 

शंकराचार्य ने कुंभ के कार्य शुरू न होने पर जताई चिंता
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आशीर्वाद लिया। शंकराचार्य महाराज ने कुंभ-2021 के कार्य शुरू न होने पर चिंता जताते हुए शीघ्र काम कराने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि जल्दी ही कुंभ के कार्य शुरू नहीं हुए तो आयोजन अवधि में श्रद्धालुओं को दिक्कतें उठानी पड़ेगी। 

रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम में पहुंचे। उन्होंने शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से आशीर्वाद लिया। इसके बाद प्रदेश के विकास और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ाने को लेकर चर्चा की। शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि अनुच्छेद 370 की मुक्ति के बाद केंद्र सरकार को देश के करोड़ों हिंदुओं की भावना के प्रतीक भगवान राम के मंदिर के निर्माण का मार्ग शासन को शीघ्र प्रशस्त करना चाहिए।
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