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प्राइवेट स्कूलों की फीस जांच के लिए टीम गठित     

Thu, 25 May 2017 04:32 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
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उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों में फीस की जांच के लिए टीम गठित कर दी है। यह टीम सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से सम्बद्ध स्कूलों में जाकर फीस के संबंध में जांच करेगी।
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अभिभावकों से भी जानकारी जुटाएगी। वहीं स्कूलों को नोटिस के माध्यम से यह हिदायत दी गई है कि रि-एडमिशन और कॉशन मनी के रूप में वसूली गई फीस जल्द लौटा दी जाए। अन्यथा उनकी एनओसी रद्द की जाएगी।
      
सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था के चलते अभिभावक अपने बच्चों को निजी व कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ाते हैं। उच्च वर्ग के अभिभावक तो स्कूलों की मनमानी आसानी से सहन कर लेते हैं, पर मध्यम वर्गीय परिवारों को अपने बच्चों की खातिर सबकुछ सहने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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बहरहाल प्रदेश सरकार ने रि-एडमिशन और कॉशन मनी के नाम पर लूट खसोट पर लगाम लगाने की कवायद शुरू की है। इसके लिए शासनादेश जारी कर अभिभावकों को अनावश्यक फीस वापस करने के निर्देश प्राइवेट स्कूलों को दिए गए हैं। डीईओ बेसिक ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने तीन दिन पहले इस संबंध में अधीनस्थों की बैठक की थी। जिसमें प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर शिकंजा कसने की रणनीति बनाई गई थी। जनपद के लगभग 1000 स्कूलों को नोटिस जारी हो चुके हैं। अब स्कूलों की फीस जांच के लिए टीम का गठन किया गया है।
      
बहादराबाद खंड शिक्षा अधिकारी अजय चौधरी ने बताया कि बीआरपी, सीआरपी की टीम बनाकर उन्हें निर्देशित किया गया है कि सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड से सम्बद्ध स्कूलों में जाकर फीस के बारे में पूरी जानकारी जुटाएं। स्कूल में पढने वाले बच्चों के अभिभावकों से भी बात करें। यदि कोई स्कूल फीस नहीं लौटाता है तो उसकी एनओसी रद्द करते हुए मान्यता रद्द करने की सिफारिश संबंधित बोर्ड को की जाएगी। 
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