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अब पता चलेगी उत्तराखंड CM पर हुए स्टिंग 'वॉर' की 'धार'

Thu, 30 Jul 2015 01:49 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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करीब आठ दिन बाद उत्तराखंड सरकार ने सीएम सचिव मोहम्मद शाहिद के कथित स्टिंग ऑपरेशन प्रकरण की जांच कराने का निर्णय ले ही लिया।
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मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव ओमप्रकाश इस पूरे मामले के साथ ही आईएएस मोहम्मद शाहिद की भूमिका की भी जांच करेंगे। उन्हें छह सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है, हालांकि जानकार लोग इस जांच को मुख्यमंत्री की रणनीति के रूप में देख रहे है। दरअसल, सीएम किसी भी कीमत पर शाहिद को केंद्र के लिए कार्यमुक्त करने के पक्ष में नहीं है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्मिक विभाग ने सीएम सचिवालय में तैनात प्रमुख सचिव ओमप्रकाश को स्टिंग आपरेशन प्रकरण के लिए जांच अधिकारी नामित कर दिया है।

सीएम खुद ही कहते रहे कि हम स्टिंग की सीडी को फारेंसिक जांच के लिए नहीं भेजेंगे, कोई जिम्मेदार व्यक्ति देगा तभी भेजी जाएगी, लेकिन सप्ताह भर में केंद्र से कसे शिकंजे के बाद सरकार के पास इसके अलावा कोई चारा भी नहीं रह गया।
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दरअसल, सियासी जानकार मानते हैं कि जांच ही एक रास्ता है, जिसके जरिए सीएम केंद्र के दांव की कोई काट तलाशने के लिए समय पा सकते हैं। कार्मिक विभाग ने जांच अधिकारी से छह सप्ताह के भीतर इस प्रकरण में रिपोर्ट देने को कहा है।
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शाहिद को फिलहाल कार्यमुक्त नहीं करने का फैसला

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फिलहाल शाहिद को कार्यमुक्त नहीं करने का निर्णय लिया है। सीएम की तरफ से एक चिट्ठी पीएमओ भेजी गई, जिसमें सि बात का जिक्र किया गया कि उक्त अफसर के खिलाफ जांच गतिमान है, इसलिए ऐसी स्थिति में कार्यमुक्त करना उचित नहीं रहेगा। इस मामले में अब केंद्र के जवाब का इंतजार रहेगा।

सीएम ने पत्र में कहा कि उक्त अफसर के खिलाफ स्टिंग मामले में जांच कराने का निर्णय लिया गया है। इसलिए ऐसे में संबंधित अफसर को कार्यमुक्त करना कानूनी तौर पर भी उचित नहीं होगा। इसलिए केंद्र अपने उस आदेश को वापस ले जिसमें मोहम्मद शाहिद की प्रतिनियुक्ति को रद्द किया गया है।

अब राज्य सरकार, केंद्र केजवाब का इंतजार करेगी। हालांकि माना जा रहा है कि केंद्र राज्य की इस बात को नहीं मानेगा। क्योंकि केंद्रीय मंत्रिमंडल की प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली नियुक्ति समिति ने डेपुटेशन रद्द किया है। अब पुराना आदेश बहाल होने की उम्मीद कम ही है।

स्टिंग के बाद सीएम सचिवालय में चौकसी
स्टिंग के आहत सीएम ने पहले अपने सचिवालय में ही प्रोटोकॉल लागू करने की शुरूआत कर दी है। अभी तक अलग अलग विभागों की फाइलें सीएम सचिवालय में तैनात अलग अलग अफसरों द्वारा सीएम के सामने प्रस्तुत कर निस्तारण कराना होता था।

लेकिन अब प्रत्येक विभाग की सभी फाइलों को सीएम के समक्ष प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री केप्रमुख सचिव ओमप्रकाश की होगी। इस आशय का आदेश भी जारी कर दिया गया है।

सीएस ने शाहिद की छुट्टी मंजूर नहीं की
भले ही सीएम हरीश रावत अपने सचिव रहे मोहम्मद शाहिद को बचाने का भरसक प्रयास करे, लेकिन मुख्य सचिव एन रविशंकर ने उनके (शाहिद) एक माह की छुट्टी के आवेदन को खारिज कर दिया है। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि चूंकि प्रतिनियुक्ति निरस्त हो चुकी है, इसलिए अब राज्य को शाहिद की छुट्टी करने का अधिकार नहीं है।
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