भागीरथी इको सेंसेटिव जोन में अवैध निर्माण की जांच को लेकर कुछ दिन पहले केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव का एक पत्र शासन में पहुंचा था।
भागीरथी इको सेंसेटिव जोन में अवैध निर्माण की जांच शुरू हो गई है। केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पत्र के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए एसडीएम की अध्यक्षता में एक टीम बनाई गई है।
भागीरथी इको सेंसेटिव जोन चार हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला है। इसमें होने वाली गतिविधियों की निगरानी के लिए उच्च-स्तरीय निगरानी समिति और जिला स्तरीय निगरानी व कार्यान्वयन समिति मौजूद हैं। कुछ दिन पहले केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव का एक पत्र शासन में पहुंचा था।
सीया के सदस्यों के लिए भेजे गए नाम पर उठे सवाल
राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (सीया) गठन के लिए राज्य से करीब चार महीने पहले पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को नाम भेजे गए थे। उन पर भी सवाल उठा है। सूत्रों के अनुसार मामले में मंत्रालय को शिकायत भेजी गई है। मंत्रालय ने राज्य से संबंधित मामले को लेकर पूछा था। इसके बाद संबंधित शिकायत की जांच कराने का फैसला किया गया है।
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