एवरेस्ट व कंचनजंगा पर्वत चढ़ने वाली पहली महिला होने का राष्ट्रीय रिकार्ड भी उनके नाम है। उन्होंने साल 2013 में एवरेस्ट व 2014 में कंचनजंगा माउंटेन फतह किया। इसी तरह के कई अन्य रिकार्ड उनके नाम हैं।
उन्हें कई स्वर्ण पदक भी मिले हैं। उनकी शादी सरोवर नगरी में हुई और अब उनकी एक बेटी है। बेटी को भी वह पर्वतारोही बनाना चाहती हैं। आज भी वह मैराथन में हिस्सा ले रही हैं। टुसी बताती हैं कि वह सिर्फ नौ साल की थीं और उसी दौरान उनके पिता का स्वर्गवास हो गया।
इसके बाद उन्होंने दुकान चलाकर अपनी पढ़ाई लिखाई और पर्वतारोहण प्रशिक्षण का खर्च उठाया। शुरूआती दौर में उनको तमाम परेशानियां हुईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आखिर में उनकी जीत हुई और सभी परेशानियां हार गईं।