भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल, पीवी संधू की तरह ही अल्मोड़ा की बेटियां भी बैडमिंटन में अपना जलवा बिखेर रही है। स्नेहा रजवार बैडमिंटन खेल में नित नया कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं और जिले के साथ प्रदेश का नाम भी रोशन कर रही हैं।
नगर के आफिसर्स कालोनी निवासी अमरनाथ सिंह रजवार और विमला रजवार की पुत्री स्नेहा रजवार बैड मिंटन में कई पदक जीत चुकी हैं। स्नेहा ने कक्षा तीन में पढ़ने के दौरान बैडमिंटन का रैकेट थामा था। वर्ष 2017 में देहरादून में हुई उत्तराखंड जूनियर सीनियर चैंपियनशिप के ओपन डबल्स में गोल्ड मेडल और अंडर-17 के डबल्स में स्वर्ण पदक जीता। 2018 में पटना बिहार में हुई ऑल इंडिया सब जूनियर बैडमिंटन प्रतियोगिता के अंडर-17 वर्ग में कांस्य पदक जीता। 2018 में हल्द्वानी में हुई उत्तराखंड स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप के अंडर-19 के डबल्स में स्वर्ण पदक जीता।
अंडर-17 के सिंगल में भी स्वर्ण पदक जीता। 2019 में भुवनेश्वर में हुई ऑल इंडिया बैडमिंटन चैंपियनशिप के अंडर-17 के डबल्स में स्नेहा ने रजत पदक जीता। इसी साल अल्मोड़ा में हुई ईस्ट इंटर स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप के ओपन सिंगल में रजत पदक जीता। अंडर-19 में भी रजत पदक अपने नाम किया। स्नेहा जब भी अपने पैतृक गांव आरा जाती है तो वहां भी वह गांव के बच्चों को खेलों के प्रति जागरुक करती है। स्नेहा वर्तमान में हरियाणा के एक एकेडमी में बैडमिंटन का प्रशिक्षण ले रही है।
होनहार बच्चे बचपन में अपना लक्ष्य तय करते और फिर उसे हासिल करने के लिए मेहनत में जुट जाते हैं। ऐसा ही लक्ष्य तय किया है पक्काकोट निवासी एथलीट अंजली सिरोही ने। वह फौज में जाकर देश सेवा करना चाहती है। अंजलि राधेहरि राजकीय महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। एथलीट में 400 मीटर दौड़ में अंजलि प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त कर चुकी है।
अंजलि का लक्ष्य नेशनल गेम में गोल्ड मेडिल जीतना है। इसके लिए वह रोजाना तीन घंटे प्रैक्टिस कर रही है। अंजली ने बताया कि उसने 26 जनवरी 2021 को हल्द्वानी में संपन्न हुई राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में 400 मीटर दौड़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उसके कोच मोहम्मद रफी पासा नेशनल खेलने के लिए उसे प्रोत्साहित करते हैं। वह देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना चाहती है। साथ ही एक बेहतरीन खिलाड़ी बनकर सेना में जाना चाहती हूं। सेना में जाने के लिए उसने एनसीसी भी ज्वाइन की है। हीमा दास उसकी प्रेरणा स्रोत्र हैं।
देश की सीमाओं पर दुश्मनों के दांत खट्टे करने में लड़किया भी पीछे नही है। एथलीट मुस्कान भी देश की रक्षा का जज्बा लिए सेना में भर्ती होना चाहती है। जीजीआईसी में 12 वीं की छात्रा मुस्कान निरंतर प्रैक्टिस करती है। वह अच्छी एथलीट बनकर देश का गौरव बढ़ाना चाहती है। मुस्कान के पिता का स्वर्गवास हो चुका है।
उसकी मां नाजमा एक कारखाने में नौकरी करती है। वह कठिन परिश्रम कर अपनी बेटी को पढ़ा रही है। मुस्कान एथलीट के जरिए अपने सपनों को उड़ान देना चाहती है। मुस्कान ने बताया कि उसे दौड़ने का शौक है। फरवरी 2021 में हल्द्वानी में संपन्न स्टेट प्रतियोगिता की 1600 मीटर की दौड़ में मुस्कान ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वह नेशनल में गोल्ड मेडल जीत कर सेना में भर्ती हो कर देश सेवा करना चाहती है।