विशेष बातचीत में कमला ने बताया कि डेढ़ साल पहले उनके पति मोहन की मृत्यु हो गई थी। अंतिम दिनों में वह कहते थे कि अब बेटी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी तुम्हारी ही है। इसलिए उन्होंने बच्चों के लिए कभी कमी नहीं होने दी।
कोच लियाकत अली से क्रिकेट की बारीकियां सीखीं
वह बेटी को लगातार प्रेरित करती रहीं और इंटर के बाद बेटी श्वेता को अल्मोड़ा भी भेजा। वहां पर कोच लियाकत अली से श्वेता ने क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। श्वेता ने भी मां की मेहनत और पिता के सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत की।
मां कमला ने उम्मीद जताई कि श्वेता टीम में अच्छा प्रदर्शन कर देश का नाम जरूर रोशन करेगी। उन्होंने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि बेटियों को हमेशा आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ खड़े रहें। श्वेता के बड़े भाई मोहित की थल में कॉस्मेटिक्स की दुकान है। इसलिए लोग उन्हें भी बधाई दे रहे हैं।