कैमरा ट्रैप से बहुत सारी अनदेखी बातें सामने आईं : सिन्हा
कैमरा ट्रैप के बाद बहुत सारी अनदेखी बात सामने आ रही है। बाघ को पहले अकेला रहने वाला वन्यजीव कहा जाता था, लेकिन अब उनमें आक्रमकता नहीं होती है। साथ-साथ विचरण करते हैं। वे शिकार को बांटते हुए और सहचर्य जीवन बिताते हुए देखे गए। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के वैज्ञानिक बिवास पांडव कहते हैं कि बाघों की संख्या अधिक होने से कोई संबंध नहीं है। जो बाघ दिखाई दे रहे हैं, वह दो ढाई साल के एडल्ट टाइगर हो सकते है जो बाघिन के साथ होंगे।
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राज्य में 560 बाघ
देहरादून। राज्य में बाघों की संख्या 560 है। इसमें केवल कार्बेट टाइगर रिजर्व में ही 260 बाघ हैं। उससे सटे तराई पश्चिम वन प्रभाग में बाघों की संख्या 52 और लैंसडोन में 29 बाघ हैं। हल्द्वानी वन प्रभाग में 36 बाघ होने का आकलन किया गया है।