कुछ दिन पहले नैनीताल के वीर भट्टी में पुलिस वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण अस्पताल में भर्ती घायल दरोगा माया बिष्ट की भी शुक्रवार को मौत हो गई। इस हादसे में पहले ही दो पुलिसकर्मियों की मौत हो चुकी है।
सूचना मिलते ही पूर्व मंडी सभापति सुमित हृदेश, पूर्व कैबिनेट मंत्री मतीन सिद्धकी, विधायक नवीन दुमका, डीआईजी जगतराम जोशी व पुलिस के अन्य अधिकारी मोर्चरी पहुंचे। दरोगा की मौत से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ पड़ी।
बता दें कि 22 अक्टूबर को नैनीताल में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य की वीआईपी ड्यूटी पर गई पुलिस विभाग की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। दुर्घटना में बोलेरो सवार काठगोदाम थानाध्यक्ष, महिला दरोगा माया बिष्ट और चालक सहित चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
वहीं सिपाही ललित मोहन पुत्र मनीराम और नंदन सिंह बिष्ट पुत्र बिशन सिंह बिष्ट की उसी वक्त मौत हो गई थी। घायल दरोगा माया बिष्ट का तभी से अस्पताल में इलाज चल रहा था। लेकिन उन्होंने शुक्रवार देर रात को दम तोड़ा दिया।
मृत पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक-एक लाख की सहायता
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने नैनीताल पुलिस वाहन दुर्घटना मारे गए पुलिस कर्मियों के परिजनों के लिए विवेकाधीन कोष से एक-एक लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि वे दुर्घटना से बेहद दुखी और व्यथित हैं। यह दुर्घटना 22 अक्टूबर को हुई थी।
दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल उप निरीक्षक माया बिष्ट के निधन पर राज्यपाल ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वे अत्यंत मर्माहत और व्यथित हैं। उन्होंने दुर्घटना में मृत तीनों पुलिस कार्मिकों के आश्रितों के लिए अपने विवेकाधीन कोष से एक एक लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए कि मृतक पुलिस कार्मिकों के परिवारों का पूरा ध्यान रखा जाए और सरकारी सेवा के सभी देय भुगतान जल्द से जल्द किए जाएं।