फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरिद्वारः बिजली कटने से 1000 उद्दोगों में काम बंद

Sat, 06 Dec 2014 01:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजली कटौती के चलते में उद्योगों के पहिए थम गए हैं। शुक्रवार को जिले के करीब एक हजार उद्योगों में काम पूरी तरह ठप रहा। करीब डेढ़ लाख कर्मचारी दिनभर खाली बैठे रहे। इससे उद्योगों को करोड़ों रुपये की चपत लगी है।
विज्ञापन


शनिवार को भी बिजली की व्यवस्था पटरी पर न आने की आशंका के चलते कई उद्यमियों ने शनिवार को अवकाश घोषित कर रविवार को काम करने का फरमान जारी किया है।

शुक्रवार सुबह करीब सवा छह बजे सिडकुल क्षेत्र की बिजली गुल हो गई थी। दिन में एक-दो बार बिजली आई। लेकिन उसके बाद फिर गुल हो गई।

उद्यमी ऊर्जा निगम के अधिकारियों से फोन कर बिजली के बारे में पूछते रहे लेकिन हर बार अधिकारियों से आश्वासन मिलता रहा कि जल्द टूटी लाइन को जोड़ा जा रहा है। इसी आस में उद्योगों में कर्मचारी भी बैठे रहे। लेकिन शाम तक बिजली नहीं आई।

इससे नाराज उद्यमियों ने शाम को आपस में चर्चा की। सरकार की ओर से उद्यमियों की समस्याओं की अनदेखी पर रोष जताया। निर्णय लिया कि जिस तरह ऊर्जा निगम के अधिकारी आश्वासन दे रहे हैं उसे देखते हुए शनिवार को भी बिजली आने की संभावना कम है। ऐसे में कई उद्यमियों ने शनिवार को फैक्ट्रियों में छुट्टी कर दी। इसके बदले रविवार को फैक्ट्रियां खोली जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

शनिवार को भी उद्योंगों ने बंद किया काम

400 केवी की लाइन टूट गई है। जिसके चलते औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की समस्या आई है। शनिवार को लाइन पूरी तरह से ठीक होने की उम्मीद है।
-आरएस बरफाल, चीफ इंजीनियर ऊर्जा निगम हरिद्वार।

बिजली गुल रहने से शुक्रवार को पूरे जिले के उद्योगों में कर्मचारी खाली बैठे रहे। इससे उद्योगों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। शनिवार को भी बिजली की यही स्थिति रहने की संभावना है। उसी को देखते हुए उद्यमियों ने अपनी-अपनी फैक्ट्रियां बंद रखने का फैसला लिया है।
-हिमेश कपूर, महासचिव सिडकुल इंटरप्रीन्योर्स वेलफेयर एसोसिएशन।

-बिजली की स्थिति शनिवार को भी ऐसे ही रहने की संभावना है। लिहाजा सभी उद्यमियों को सुझाव दिया गया है कि शनिवार को साप्ताहिक अवकाश रखें और रविवार को काम करें।
-आरके त्यागी वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सिडकुल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें