सोमवार को उत्तराखंड की वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश विधान सभा में के बजट पेश करेंगी। अब ये देखना होगा कि ये बजट जनता को राहत पहुंचाएगा या फिर उनकी जेब काटेगा। प्रश्नकाल के बाद शाम को चार बजे सदन में बजट पेश होगा।
वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश के पिटारे से कर रहित बजट के निकलने की उम्मीद अधिक है। लोक लुभावन घोषणाओं की उम्मीद कम ही है पर सरकार पर्यटन और उद्योग पर फोकस कर सकती है।
पिछले बजट में सरकार ने कुछ नए मंत्रालयों के गठन का ऐलान किया था। इन मंत्रालयों के गठन का खास फायदा अभी तक सामने नहीं आया है। इस बार अपने संसाधन जुटाने पर फोकस रहने की संभावना है।
पिछली बार प्रदेश सरकार 30353 करोड़ रुपए का बजट लेकर आई थी। बाद में प्रदेश सरकार 3818 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट लेकर भी आई थी। इस बार भी बजट करीब 32 हजार करोड़ रुपए रहने की संभावना है।
इसका कारण यह भी है कि केंद्र से स्तर से बाह्य सहायतित योजनाओं को लेकर केंद्रीय सहायता में अभी तस्वीर स्पष्ट नही है। दो माह में इस पर तस्वीर स्पष्ट होने पर प्रदेश सरकार के लिए अनुपूरक बजट लाना भी मजबूरी होगी।
प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी समस्या वेतन, पेंशन और ब्याज पर खर्च है। पिछले बजट में राजस्व व्यय का करीब 50 प्रतिशत वेतन पर खर्च होने पर वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश ने चिंता जताई थी। इस बार इस खर्च के बढ़ जाने की संभावना अधिक है।
कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
राजस्व बढ़ाने के दबाव के चलते कर छूट जैसे मसले भी बजट में कम ही दिखाई देंगे। दूसरी ओर अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक के प्रति आग्रह दिखाई देने की संभावना अधिक है।
उद्योग अभी तक प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में रहे हैं। जल विद्युत परियोजनाओं के लिए अलग से नीति और एमएसएमई नीति में रियायत के प्रावधान कर प्रदेश सरकार ने इसके संकेत भी दिए। उद्योगों की मांग है कि प्रदेश सरकार अवस्थापना सुविधाओं को बढ़ाए जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योग निवेश कर सकें।
इसी तरह व्यापारी वर्ग कर रियायतों के साथ ही टैक्स सुधार की मांग कर रहा है। कर्मचारियों का एक बड़ा वर्ग प्रदेश में है और बजट में कर्मचारी वर्ग सुविधाओं की अपेक्षा भी करते रहे हैं।
दो दिन के अंतराल के बाद सोमवार को शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में सरकार को घेरने के लिए मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने कमर कस ली है। मुख्य मुद्दा कानून व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा से जुड़ा होगा। सदन में सोमवार को फिर हंगामा होने के आसार है।
सीएम के सलाहाकार पर गंभीर आरोप
ताजा मामला सल्ट के जिला पंचायत सदस्य की पत्नी के सीएम के सलाहाकार रणजीत रावत गंभीर आरोप लगाना और डोईवाला में रविवार को युवक की हत्या ने भी विपक्ष को सोमवार के लिए सरकार को घेरने का नया हथियार दे दिया है।
सोमवार का दिन सदन में कानून व्यवस्था के नाम रहने की संभावना है।
कार्यवाही प्रभावित किए बगैर इस मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी करने की तैयारी विपक्ष ने की है। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। सल्ट के जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी पर जानलेवा हमला हुआ है।
उसकी पत्नी रेखा नेगी ने डीएम को शपथपत्र दिया है कि उसके पति को मारने की सुपारी सीएम के सलाहाकार रणजीत रावत ने दी थी। यह मुद्दा सदन में उठेगा। इसके अलावा अपराधी अमित भूरा को पकड़ने में नाकाम रहना और नकरौंदा डकैती व हत्या केमुख्य आरोपी का पुलिस गिरफ्त से बाहर होना देहरादून पुलिस के साथ ही उच्च स्तर पर बैठे अफसरों की असफलता का नतीजा है।
विपक्ष अन्य मुद्दों भी सदन में रखेगा। रुड़की बम विस्फोट का आज तक खुलासा नहीं हुआ। एफआरआई में गुलदार द्वारा युवती को मारने का मामला भी उठेगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में आम आदमी सुरक्षित नहीं है, सीएम के सलाहाकार पर जब हत्या के प्रयास के आरोप लग रहे है तो फिर जनता कैसे महफूज रह सकती है।